गुरु वंदना कार्यक्रम राजगढ़ में संपन्न हुआ
'गुरु वंदन व गुरु छाया कार्यक्रम '
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ जिला राजगढ़ द्वारा दिनांक 27/07/2025 को नगर पचोर में गुरु वंदन व गुरु छाया का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिसमें प्रांत संघ चालक महोदय परम आदरणीय व सम्मानीय श्री अशोक जी पांडे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। म. प्र. शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष महोदय डॉ क्षत्रवीर सिंह राठौड़ मुख्य अतिथि, श्री मोहनलाल जी नगर कार्यक्रम अध्यक्ष, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ प्रांतीय सचिव श्री राम रतन जी चौहान व संभागीय अध्यक्ष श्री विकास जी चौहान विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई. गुरु सानिध्य प. इंद्रजीत जी पाराशर से प्राप्त हुआ. कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के लगभग 300 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा मां वीणापाणि की पूजा अर्चना दीप प्रज्वलित करके की गई। श्री राजेंद्र जी मेवाड़ द्वारा अतिथियों का परिचय दिया गया साथ ही फूलमाला, शाल, श्रीफल के साथ स्वागत किया गया। स्वागत भाषण श्री जिला अध्यक्ष महोदय राजेश जी यादव द्वारा प्रस्तुत किया गया। बालिका संस्कृति द्वारा सरस्वती वंदना व स्वागत गीत का प्रस्तुतिकरण कर अतिथि गणों का मधुर वाणी द्वारा सत्कार किया गया। श्री हितेश जी द्वारा एकल गीत के माध्यम से गुरु की महिमा को मंडित किया गया.
गुरु वंदन कार्यक्रम में संत पंडित श्री इंद्रजीत जी पाराशर ने बताया की छात्रा के जीवन में शिक्षक का स्थान सर्वोपरि होता है व गुरूजी कहते यदि शिक्षक छात्रों को अनुशासन, सेवा व राष्ट्र प्रेम की शिक्षा प्रदान करेंगे तभी भारत भूमि का उत्थान होगा।
संभागीय अध्यक्ष महोदय श्री विकास जी चौहान द्वारा बताया गया कि हमारा संगठन सभी संगठनों से भिन्न है।हम अपने गुरुओं से कर्तव्य बोध, दायित्व बोध व गुरु वंदन जैसे कार्यक्रम करवाते हैं और एक राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रयास करते हैं।हम छात्रों को देश की धरती, संस्कृति व परंपरा सबसे प्रेम करना सिखाते हैं। हम अपने अधिकार को अंत में और कर्तव्य को सबसे पहले रखते हैं। विशेष अतिथि महोदय श्री राम रतन जी चौहान जी कहते हैं - हमारा संगठन राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हम शिक्षक कभी भी अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटेंगे. और उन्होंने बताया कि
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का एक ही नारा है-
" देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दम "
गुरु की महिमा का बखान करते हुए श्री चौहान जी कहते हैं-
"सब धरती कागज करूँ, लेखनी सब बनराय।
सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाय।। "
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के अहो भाग्य है, कि मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम में परम आदरणीय व सम्मानीय प्रांत संघ चालक महोदय श्री अशोक जी पांडे पधारे।
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के संघर्ष को उल्लेखित व याद करते हुए मुख्य वक्ता महोदय ने कहा कि-
' मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के कार्यक्रम में उपस्थित होकर मुझे एक शेर याद आता है
" यादों के तसव्वर में, यूं तरसती हैं आंखें।
जैसे बरसात के मौसम में, रिमझिम का समा।।
मुझे याद आता है मध्य प्रदेश शिक्षक संघ को पत्राचार की आज्ञा लेने के लिए एक लंबा आंदोलन चला। शिक्षकों का वेतनमान लिपिक से बेहतर हो इसके लिए एक लंबा आंदोलन चला। सन 1978 से 1985 के बीच बसे भर - भर कर भोपाल लाई गई। तब सत्ता व शासन का कोई सहयोग नहीं था। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के कार्यकर्ताओं को चुन - चुन कर टारगेट किया जाता था। वह सब दृश्य मेरी आंखों के सामने अभी भी जीवंत है।
पैसे नहीं होते थे तो मैं स्वयं बसों में चढ़कर पैम प्लेट यात्रियों को देता था। रोडवेज की बसों में पीछे पर्चे चिपकाता था ताकि मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का प्रचार हो।मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने बहुत संघर्ष किया।'
प्रांत संघ चालक महोदय कहते हैं कि मध्य प्रदेश शिक्षक संघ को चार परिस्थितियों से होकर गुजरना पड़ा - उपहास, अपेक्षा, संघर्ष व स्वीकारोक्ति।
वर्तमान काल स्वीकारोक्ति का काल है। सबसे अधिक विचलन अनुकूल परिस्थितियों में ही होता है। अतः आज अनुकूल परिस्थितियों में संगठन को बहुत संभाल कर कार्य करना होगा। उन्होंने बताया मध्य प्रदेश शिक्षक संघ एक विचार से जुड़ा है- समाज के निर्माण की, राष्ट्र के निर्माण की व भारत माता की भक्ति की यात्रा में है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ अपनी मातृ शाखा के साथ उसका यशस्वी सहयात्री है। साथ ही आपने वर्तमान में शिक्षक का धर्म क्या है और गुरु की परंपरा क्या है दोनों विषय को रेखांकित किया।
गुरु वंदन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महोदय हमारे पद प्रदर्शन परम आदरणीय प्रांत अध्यक्ष महोदय डॉ क्षत्रवीर सिंह जी राठौर ने गुरु की महिमा को चरित्रार्थ करते हुए कहा कि-' संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस की रचना प्रारंभ की तो उन्होंने सर्वप्रथम अक्षर को प्रणाम किया, वर्ण की वंदना की फिर अर्थ लिया, रस लिया, छंद लिया। फिर उन्होंने मंगल करने वाले करता को प्रणाम किया फिर वीणा पानी को याद किया फिर भगवान गणेश को याद किया।
"वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।
मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥1॥"
जिसके कारण आप लोग यहां आए हैं। डेढ़ घंटे से बैठे हैं दूसरे श्लोक में उन्होंने कहा -
'भवानीशंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ।
याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाः स्वान्तःस्थमीश्वरम्॥2॥"
मैं मां पार्वती को प्रणाम करता हूं। वह श्रद्धा और विश्वास का स्वरूप है।
उसी प्रकार आपकी मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रति आपकी श्रद्धा थी और विश्वास था इसलिए आप यहां आए हैं और दायित्व वान कार्यकर्ता बने हैं। चाहे आप शिक्षक हो या शिक्षिका हो।
तीसरे श्लोक में उन्होंने गुरु की वंदना की तुलसीदास जी ने कहा कि -
"वन्दे बोधमयं नित्यं गुरुं शंकररूपिणम्।
यमाश्रितो हि वक्रोऽपि चन्द्रः सर्वत्र वन्द्यते॥3॥"
मैं शंकर रूपी गुरु की वंदना करता हूं। जिनकी कृपा से वक्र रूपी चंद्रमा, टेढ़ा चंद्रमा भगवान शिव ने अपने मस्तक पर सुशोभित किया है।केवल गुरु की कृपा से ही संभव है।
भगवान शंकर की पूजा के साथ चंद्रमा भी पूजित हो जाता है ऐसी उनकी कृपा है। ऐसी गुरु की कृपा व महिमा है।
साथी प्रांतीय अध्यक्ष महोदय ने समस्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश शिक्षक संघ सदैव आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। आपकी हर समस्या का समाधान होगा। शीघ्र ही IFMS पोर्टल से नियुक्ति दिनांक 2018 हटवा कर नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता दिलवाई जाएगी। सेवानिवृत्ति की आयु 62 से 65 वर्ष का करवाई जाना प्रस्तावित है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे परम आदरणीय श्री मोहन लाल नागर जी ने शिक्षक गुरु संबंध की व्याख्या करते हुए शिक्षकों को उनके कर्तव्यों और दायित्वों का बोध कराया।
संभागीय सचिव डॉ. प्रतिभा जायसवाल ने कहा कि -
"भावुकता से कर्तव्य बड़ा, कर्तव्य निभे बलिदानों से।
दीपक जलने की रीत, नहीं छोड़े डरकर तूफानों से।।
जिस प्रकार दीपक तूफानों से डर कर जलना नहीं छोड़ता उसी प्रकार हम शिक्षक भी हर चुनौतियों का सामना करते हुए हमारे संगठन के मूल उद्देश्य- राष्ट्रहित, शिक्षा हित,छात्रहित और शिक्षक हित में कार्य करते रहेंगे।
राजगढ़ जिले से ही प्रांतीय सचिव श्री रामरतन जी चौहान एवम भोपाल सम्भागीय सचिव डॉक्टर प्रतिभा जायसवाल द्वारा समस्त इकाइयों का मार्गदर्शन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन संभागीय सदस्य श्री अनिल जी नगर द्वारा व आभार से संभागीय सदस्य श्री अजय जी सोनी द्वारा किया गया।

