बौद्ध धर्मगुरु शाक्यपुत्र भंते सागर का जन्मदिवस ‘एकता दिवस’ के रूप में मनाया गया

जमीयत उलमा मध्यप्रदेश और मध्यप्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच के पदाधिकारियों ने दी शुभकामनाएं

सौरभ नाथ की खबर 9039502565

भोपाल, 4 जुलाई 2025:

बौद्ध धर्मगुरु शाक्यपुत्र भंते सागर जी और उनके शिष्य भंते राहुलपुत्र जी के जन्मदिवस के अवसर पर 4 जुलाई को “बुद्ध भूमि महाविहार” चूनाभट्टी, कोलार, भोपाल में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भंते सागर जी का जन्मदिन "सद्भावना और राष्ट्रीय एकता दिवस" के रूप में मनाया गया।

 

इस मौके पर सभी धर्मों के धर्मगुरु और आम नागरिकों ने पहुँच कर दोनों बौद्ध गुरुओं को शुभकामनाएं दीं। जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश और सर्वधर्म सद्भावना मंच के पदाधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लेकर शुभकामनाएं प्रस्तुत कीं। जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के महासचिव एडवोकेट मोहम्मद कलीम ने इस अवसर पर अपनी ओर से और जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून साहब की ओर से बधाई संदेश प्रस्तुत किया।

 

अपने संबोधन में एडवोकेट मोहम्मद कलीम ने कहा कि महात्मा बुद्ध ने पूरी दुनिया को शांति, अहिंसा और सद्भावना का संदेश दिया था। आज के समय में यह संदेश और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, जब समाज में राष्ट्रीय एकता और सभी धर्मों के बीच सौहार्द की ज़रूरत है। उन्होंने भंते सागर जी को दोहरी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस बात के लिए भी बधाई के पात्र हैं कि वे अपने जन्मदिन को "सद्भावना दिवस" के रूप में मनाते हैं, जिससे समाज में विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच मेल-जोल और सहिष्णुता को बढ़ावा मिलता है।

 

इस कार्यक्रम में भाग लेकर संबोधन देने वालों में विशेष रूप से ईसाई धर्मगुरु आर्च बिशप दुरई राज, डॉ. फादर आनंद माटिंगल, हाजी मोहम्मद इमरान, गुरुचरण सिंह अरोड़ा, पंडित महेन्द्र शर्मा, हाजी हनीफ अय्यूबी, पंडित नरेंद्र दीक्षित, आरिफ अली खान, ब्रह्माकुमारी आश्रम की बहनें, फादर अल्फ्रेड डिसूजा, मोहम्मद अहमद खान और मोहम्मद जुबैर खान शामिल थे।

 

प्रेषक:

एडवोकेट मोहम्मद कलीम खान

महासचिव, जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश

 

 

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