ग्राम बोरखेड़ा में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिवस सफलतापूर्वक संपन्न
ग्राम बोरखेड़ा में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिवस सफलतापूर्वक संपन्न
घरेलू व कृषि कचरा प्रबंधन, एकत्रीकरण और ब्रिकेट निर्माण की दी गई व्यवहारिक जानकारी
भोपाल हेडलाइंस
संतोष योगी की खबर
बोरखेड़ा/आष्टा (सीहोर)।
ग्राम बोरखेड़ा में "माँ हिंगलाज सेवा समिति" द्वारा आयोजित चार दिवसीय ब्रिकेट निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन ज्ञानवर्धक और उपयोगी रहा। इस दिन प्रतिभागियों को घरेलू और कृषि कचरा प्रबंधन, कचरे के एकत्रीकरण तथा उन्हें सुखाकर ब्रिकेट बनाने की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण की मुख्य प्रशिक्षक माया मालवीय ने ग्रामीणों को बताया कि किस प्रकार गाँवों में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले जैविक कचरे — जैसे सूखे पत्ते, कागज़, लकड़ी की बुराद, फसल अवशेष आदि — को एकत्र कर, उन्हें सूखाकर ईंधन के रूप में उपयोगी ब्रिकेट्स में बदला जा सकता है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि ग्रामीणों के लिए एक सशक्त स्वरोजगार का साधन भी बन सकता है।
उन्होंने कचरा एकत्रीकरण की तकनीक, उसके भंडारण, और उचित ढंग से सुखाने की विधियाँ भी विस्तार से समझाईं। साथ ही, प्रतिभागियों को ब्रिकेटिंग मशीन के उपयोग का अवलोकन कराया गया और कुछ नमूनों पर व्यावहारिक अभ्यास भी करवाया गया।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं और युवाओं ने विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने प्रश्न पूछकर विभिन्न पहलुओं को गहराई से समझने का प्रयास किया। माया मालवीय ने सभी प्रश्नों का उत्तर सहज और सरल भाषा में देते हुए ग्रामीणों को प्रेरित किया कि वे इस तकनीक को अपनाकर अपने गाँव को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बना सकते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विजेंद्र सिंह ने विशेष सहयोग किया। उन्होंने ब्रिकेटिंग मशीन से गुणवत्तापूर्ण ब्रिकेट्स बनाने संबंधी चर्चा की।
कार्यक्रम में सरपंच मानकुंवर बाई, प्रतिनिधि हमीर सिंह, ग्राम पंचायत सचिव कृपाल विश्वकर्मा, रोज़गार सहायक दीपेन्द्र कुमार एवं समाजसेवी युवा दीपक लक्ष्मण जाट प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 31 अगस्त तक चलेगा, जिसमें आगे ब्रिकेट की गुणवत्ता, विपणन और छोटे स्तर पर स्टार्टअप प्रारंभ करने से संबंधित जानकारी भी दी जाएगी।
