विमुक्त घुमंतू एवं अर्ध घुमंतु जातियों के सशक्तिकरण के लिए दिल्ली में विमुक्ति दिवस का आयोजन किया गया ।

 

संतोष योगी की खबर 9993268143

 

 

31 अगस्त 2025 को डॉ भीमराव इंटरनेशनल भवन दिल्ली में विमुक्त घुमंतू एवं अर्ध घुमंतु जातियों के सशक्तिकरण के लिए विमुक्ति दिवस का आयोजन बडी धूमधाम से किया गया । इस आयोजन में विभिन्न 51 जातियों से लगभग 2000 से ज्यादा व्यक्तियों ने भाग लिया । विमुक्ति दिवस की संपूर्ण रूपरेखा दिल्ली सरकार और डी एन टी डवलपमेंट फाउंडेशन के द्वारा तय की गई ।

इस कार्यक्रम में गाड़ियालोहार लोहार समाज, बंजारा समाज , कालबेलिया समाज, नट समाज, साहसी समाज एवं सपेरा समाज के युवाओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती रेखा गुप्ता जी दिल्ली मुख्यमंत्री, 

विशेष अतिथि माननीय विभागीय मंत्री कपिल मिश्रा, माननीय मंत्री श्री रविंद्र इंद्राज सिंह , श्रीमान बृजलाल जी सांसद दिल्ली एवं भारत सरकर डीएनटी के बोर्ड मेंबर श्री भारत भाई पटनी जी अपस्थित थे। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने सर्वप्रथम विभिन्न 51 समाज के प्रमुख को मंच पर बुलाकर उनका सम्मान सत्कार किया गया। सम्मान सत्कार की घड़ी में मध्य प्रदेश से श्री रमेश लोहार, कमल सिंह लोहार, सुनील जी गाड़ियालोहार संजय जी गाड़ियालोहार दिल्ली प्रदेश एवं अन्य समाज प्रमुखों का भी मंच पर बुलाकर भी उनके उत्कृष्ट काम के लिए सम्मान सत्कार किया गया। इस अवसर पर श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने विभिन्न समाज से आए हुए लोगों को यह आश्वासन दिया है कि दिल्ली सरकार उनके सशक्तिकरण और मुख्य धारा में जोड़ने के लिए सदैव तत्पर है । कार्यक्रम को आगे बढ़ते हुए श्री भारत भाई पटनी जी ने बताया की पूरे भारतवर्ष में 25 करोड़ से भी ज्यादा जनसंख्या विमुक्त घुमंतू एवं अर्ध घुमंतु समाज की है। जो कि भारत की जनसंख्या का एक बहुत बड़ा हिस्सा है। श्री भरत भाई पत्नी ने बताया कि 1857 की क्रांति से लेकर 1947 तक की लड़ाई में इन घुमंतु अर्ध घुमंतु समाज की मुख्य भूमिका रही है। इन समाजों का इतिहास अत्यंत ही गौरवशाली रहा है । स्वतंत्रता सेनानी के रूप में इन समाज के व्यक्तियों ने कई बलिदान दिए हैं । जिसके कारण 1871 में अंग्रेजों ने इन जातियों पर जन्मजात अपराधी प्रकरण लगा दिया । 31 अगस्त 1952 में नेहरू जी के नेतृत्व में इन जातियों से जन्मजात अपराधी प्रकरण को हटाया गया । आजादी के 78 साल बाद भी इन जातियों में शिक्षा, रोजगार और आवास का सदैव अभाव रहा है जिसके कारण यह जातियां मुख्य धारा से वंचित है। इस कार्यक्रम में उपस्थित सांसद श्री बृजलाल जी ने लक्खिसाह बंजारा और वीर मथानी गाड़िया लोहार के बलिदानों को याद करते हुए कहा है कि यह समाज बहुत ही कर्मशील और कर्मठ समाज है इन्होंने कभी भी अंग्रेजों और मुगलों की गुलामी स्वीकार नहीं की ऐसी समाज के लिए आज बहुत ही ऐतिहासिक दिन है और मैं भारत सरकार से आग्रह करता हूं की 31 अगस्त को हर साल पूरे भारतवर्ष में नेशनल अवकाश के रूप में घोषित किया जाए ।