थायराइड छोटी ग्रंथि बड़े खतरे लापरवाही पड़ सकती है भारी अनदेखी न करें थायराइड को यह बन सकता है गंभीर बीमारियों की जड़
थायराइड छोटी ग्रंथि बड़े खतरे लापरवाही पड़ सकती है भारी
अनदेखी न करें थायराइड को यह बन सकता है गंभीर बीमारियों की जड़
भोपाल हेडलाइंस संतोष योगी की खबर
भोपाल /थायराइड: छोटी ग्रंथि, बड़े खतरे – आपकी नज़रअंदाज़ी कहीं जानलेवा तो नहीं?
(डॉ. जीशान अहमद से खास बातचीत)
प्रश्न 1 – डॉक्टर साहब, आजकल थायरॉइड हर गली-मोहल्ले में सुनने को मिलता है। आखिर क्यों?
डॉ. जीशान अहमद: बिल्कुल सही कहा आपने। पहले थायरॉइड को दुर्लभ बीमारी समझा जाता था, लेकिन अब यह आम हो गई है। आंकड़े बताते हैं कि भारत में हर 10 में से लगभग 2 लोग किसी न किसी रूप में थायरॉइड की समस्या से जूझ रहे हैं। खासकर महिलाएं बड़ी संख्या में शिकार हो रही हैं।
कारण साफ है –
• तनाव,
• हार्मोनल बदलाव,
• बदलती जीवनशैली,
• फास्ट फूड और प्रदूषण,
• और नींद की कमी।d
आजकल लोग रोज़ सुबह से रात तक भाग-दौड़ में हैं, लेकिन स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने का वक्त नहीं निकालते। यही वजह है किथायरॉइड अब “नई जनसंख्या की बीमारी” बन गई है प्रश्न 2 – इसके मुख्य लक्षण क्या हैं?डॉ. जीशान अहमद: थायरॉइड के लक्षण बहुत सामान्य से लगते हैं, इसलिए लोग इन्हें हल्के में लेते हैं। लेकिन यही सबसे बड़ी भूल है लगातार थकान रहना बालों का झड़ना, वजन अचानक बढ़ना या घटना,कब्ज और पाचन संबंधी परेशानी,चेहरे पर सूजन आना,औरतों में मासिक धर्म की गड़बड़ी,मूड स्विंग्स और डिप्रेशन।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। बार-बार ये परेशानी हो रही है तो तुरंत जांच कराएं प्रश्न 3 – आम लोग अक्सर इन लक्षणों को नजरअंदाज क्यों कर देते हैं डॉ. जीशान अहमद: वजह यह है कि थकान को लोग “काम का बोझ” मान लेते हैं, वजन बढ़ने को “खाने-पीने” से जोड़ लेते हैं, और मूड स्विंग्स को “तनाव” समझकर टाल देते हैं। असलियत यह है कि ये लक्षण हमारे शरीर का अलार्म बेल हैं। लेकिन हम इस अलार्म को बार-बार “स्नूज़” कर देते हैं और बीमारी बढ़ती जाती है।
प्रश्न 4 – क्या थायरॉइड का इलाज संभव है डॉ. जीशान अहमद: जी हाँ, बिल्कुल। थायरॉइड का इलाज संभव है और सही समय पर जांच व दवा लेने से इसे पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है। रोगी को जिंदगीभर एक नियंत्रित जीवनशैली और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेनी होती है। अगर दवा सही समय पर ली जाए तो मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।
प्रश्न 5 – महिलाएं थायरॉइड की सबसे बड़ी शिकार क्यों हैं?डॉ. जीशान अहमद: इसका कारण हार्मोनल बदलाव हैं। महिलाओं के शरीर में जीवन भर कई बदलाव होते हैं गर्भावस्था,प्रसव,स्तनपान,और मेनोपॉज़।इन हर चरण में हार्मोन का स्तर बदलता है और इसी दौरान थायरॉइड असंतुलन की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं पांच गुना ज्यादा शिकार होती हैं प्रश्न 6 – थायरॉइड क्यों होता है इसके पीछे क्या वैज्ञानिक कारण हैं डॉ. जीशान अहमद: थायरॉइड ग्रंथि गले में होती है और यह हार्मोन बनाती है जो शरीर की ऊर्जा और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करते हैं। जब यह हार्मोन कम बनते हैं तो उसे हाइपोथायरॉइडिज्म कहते हैं और जब ज्यादा बनते हैं तोnहाइपरथायरॉइडिज्म।कारण आयोडीन की कमी या अधिकता, ऑटोइम्यून रोग (जैसे हाशिमोटो डिजीज),जेनेटिक कारण,और लंबे समय तक दवाओं का प्रभाव प्रश्न 7 – थायरॉइड रोगियों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं डॉ. जीशान अहमद:खाना चाहिए:आयोडीन युक्त नमक (लेकिन ज्यादा नहीं),दूध, दही, अंडा, मछली, ताज़े फल और सब्जियाँ, अखरोट, बादाम, अलसी के बीज।बचना चाहिए:जंक फूड, डीप फ्राइड आइटम्स,सोया और उसका ज्यादा उपयोग, प्रोसेस्ड फूड,बहुत अधिक मीठा,और ज्यादा कैफीन ध्यान रहे – थायरॉइड का हर मरीज अलग होता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह से ही डायट चार्ट बनवाना चाहिए प्रश्न 8 – बचाव कैसे करें?
डॉ. जीशान अहमद: थायरॉइड से बचने का सबसे बड़ा तरीका है सावधानी। सालाना हेल्थ चेकअप कराएं।आयोडीन युक्त नमक का सेवन करें। तनाव कम करें – योग और मेडिटेशन मददगार हैं।संतुलित आहार लें और जंक फूड से दूर रहें पर्याप्त नींद लें और रोज़ाना 30 मिनट वॉक करें।प्रश्न 9 – क्या थायरॉइड से प्रेग्नेंसी और बच्चों पर असर पड़ता है डॉ. जीशान अहमद: जी हाँ। अगर गर्भावस्था के दौरान थायरॉइड कंट्रोल में न हो तो यह बच्चे के मस्तिष्क विकास और वजन पर असर डाल सकता है। इसलिए हर गर्भवती महिला को थायरॉइड की जांच ज़रूर करानी चाहिए। समय पर इलाज मिलने से माँ और बच्चा दोनों सुरक्षित रहते हैं।प्रश्न 10 – आपका अंतिम संदेश क्या होगा डॉ. जीशान अहमद: मेरा सिर्फ इतना संदेश है थायरॉइड कोई डरावनी बीमारी नहीं है, लेकिन लापरवाही इसे गंभीर बना सकती है। अगर आप थकान, वजन बढ़ना या बाल झड़ने जैसी समस्याओं को हल्के में लेंगे तो मुश्किल बढ़ेगी। महिलाएं और युवा खासतौर पर सतर्क रहें। साल में एक बार टेस्ट कराइए, संतुलित आहार लीजिए और तनाव को दूर रखिए। याद रखिए – आपका स्वास्थ्य सिर्फ आपका नहीं, आपके पूरे परिवार का भविष्य है।”
निष्कर्ष थायरॉइड आज की लाइफस्टाइल की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। यह बीमारी भले चुपचाप आती हो, लेकिन समय रहते पहचान और सही इलाज से पूरी तरह कंट्रोल में रखी जा सकती है। जागरूकता ही असली दवा है।
