"सत्य धर्म के बिना धार्मिक क्रियायें फल नहीं देतीं"-पं.अरविन्द जी शास्त्री 

धुप दशमी पर होंगे विशेष आयोजन। 

 

भोपाल हेडलाइंस 

संतोष योगी की खबर 

 

 

 पं.अरविन्द जी शास्त्री जी ने दशलक्षण पर्व के अवसर पर श्री 1008 भगवान् महावीर दिगम्बर जैन मंदिर साकेत नगर में दसलक्षण पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि सत्य धर्म के बिना जीवन की अन्य सभी धार्मिक क्रियायें, कर्म-काण्ड आदि फल नहीं देते हैं। इसीलिए आत्म कल्याण के सभी धर्मों में सत्य धर्म को सर्वोपरि माना गया है। मन, वाणी और कर्म से असत्य का त्याग करना ही उत्तम सत्य धर्म है। सत्य केवल वाणी में ही नहीं व्यवहार में भी होना चाहिए। झूठ के सहारे जो जीवन जिया जाता है, वह पानी के बुलबुले की तरह क्षणिक होता है। जीवन में सत्य से ही विश्वसनीयता और प्रामाणिकता आती है। सत्य धर्म पालन से ही ईश्वर का साक्षात्कार होता है। उत्तम सत्य धर्म केवल वाणी तक ही सीमित नहीं होता वरन वह पवित्र ह्रदय में वास करता है, इसीलिए हमारी वाणी केवल सच्ची ही नहीं बल्कि हित, मित और प्रिय भी होनी चाहिए।"

हेमलता जैन 'रचना' ने बताया कि जैन धर्मावलम्बी पर्यूषण पर्व पर भाद्रपद शुक्ल दशमी को सुगंध दशमी का पर्व मनाते हैं। सुगंध दशमी, दिगंबर जैन समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो कि पर्युषण पर्व का ही हिस्सा है। यह पर्व भगवान को धूप अर्पित करके मनाया जाता है इसीलिए इसे "धूप दशमी" तथा "धुप-खेवन" पर्व भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन धूप चढ़ाने से शुभ कर्मों का उदय होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और भगवान को धूप अर्पित की जाती है। महिलाएं इस पर्व को विशेष रूप से मनाती हैं, और यह माना जाता है कि इस व्रत का पालन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है इसीलिए इस अवसर पर जैन धर्मावलंबी शहर के सभी जैन मंदिरों की दर्शन, परिक्रमा करके धूप अर्पित करते हैं। साकेत मंदिर जी के अध्यक्ष नरेंद्र टोंग्या ने बताया कि इस मौके पर साकेत नगर जैन मंदिर में भी विशेष सजावट के साथ ही मंदिर जी में आने वाले सभी दर्शनार्थियों हेतु निशुल्क भोजन के साथ ही प्रासुक जल के साथ उकाली की भी व्यवस्था की जाती है। इस दिन महिलाओं द्वारा विशेष पूजा-अर्चना तथा सुगंध दशमी का व्रत किया जाता है। 

ज्ञातव्य है कि पर्युषण महापर्व पर साकेत नगर जैन समाज नित्य पूजन, अभिषेक, शांतिधारा आदि सभी धार्मिक क्रियायों के साथ ही साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी हर्षोल्लास के साथ भाग ले रही है। इसी तारतम्य में आयोजित चँवर ढुराओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सभी उम्र के सदस्यों का उत्साह और आत्मविश्वास देखने लायक था। जजेस के लिए निर्णय देना मुश्किल भरा टास्क रहा। उक्त प्रतियोगिता में ग्रुप B से प्रथम हिया जैन, द्वितीय दक्षिता जैन तथा 

तृतीय कुहू जैन रहीं, वहीं ग्रुप D में दिशा जैन ने प्रथम, अंकिता जैन ने द्वितीय तथा यश जैन ने तृतीय स्थान सुरक्षित किया। कार्यक्रम का सञ्चालन डॉ. प्रज्ञा जैन तथा डॉ. पारुल जैन ने किया वहीं संगीत डॉ. महेंद्र जैन रेलवे द्वारा दिया गया।