प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, भोपाल में दीक्षा आरंभ कार्यक्रम का भव्य आयोजन

अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी हैं – लेफ्टिनेंट जनरल नायडू

 

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अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी हैं – लेफ्टिनेंट जनरल नायडू

(प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, भोपाल दीक्षा आरंभ कार्यक्रम का भव्य आयोजन)

भोपाल, 9 सितम्बर 2025 — प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, भोपाल में आज दीक्षा आरंभ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बी.टेक, बीबीए, बी कॉम, एमबीए एवं बी.फार्मा प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक जीवन की नई यात्रा के लिए मार्गदर्शन, प्रेरणा और संस्थान की संस्कृति से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे लेफ्टिनेंट जनरल मिलन ललित कुमार नायडू (PVSM, AVSM, YSM, सेवानिवृत्त), अपने भाषण की शुरुआत में जनरल नायडू ने विद्यार्थियों को जीवन के उस महत्वपूर्ण मोड़ पर बधाई दी जहाँ वे उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जहाँ से राष्ट्र निर्माण की यात्रा शुरू होती है।

उन्होंने सेना में अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे अपने भीतर नेतृत्व की भावना को विकसित करें और चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें।

उन्होंने यह भी कहा कि आज का युवा तकनीकी रूप से सक्षम है, लेकिन उसे नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण को भी अपनाना चाहिए। उनका संदेश था—“आप केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए भी पढ़ रहे हैं।”

सुश्री ज्योति पांडे ने अपने भाषण में कहा कि कहानियाँ केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे जीवन को समझने का एक गहरा जरिया होती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि हर व्यक्ति की अपनी कहानी होती है, और शिक्षा उस कहानी को आकार देने का सबसे प्रभावशाली उपकरण है।

उन्होंने अपनी कुछ प्रेरणादायक कहानियों के अंश साझा किए, जिनमें संवेदनशीलता, साहस, नैतिकता और आत्म-खोज जैसे विषयों को खूबसूरती से बुना गया था। उन्होंने कहा कि आज के युवा को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता और सामाजिक समझ भी विकसित करनी चाहिए।

उनका संदेश था—“आपकी कहानी तभी सार्थक होगी जब उसमें संघर्ष, मूल्य और समाज के प्रति योगदान हो।” उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपने जीवन को एक ऐसी कहानी बनाएं जो दूसरों को प्रेरणा दे सके।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अनिल बाजपेयी ने की, जिन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक दृष्टि, सुविधाओं और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान में विभिन्न क्लब्स जैसे टेक्निकल क्लब, लीडरशिप क्लब, आर्ट एंड कल्चर क्लब, इनोवेशन क्लब आदि सक्रिय हैं, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं। इन क्लब्स के माध्यम से विद्यार्थियों को नेतृत्व, टीमवर्क, और रचनात्मकता का प्रशिक्षण दिया जाता है।

डॉ. बाजपेयी ने संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, विभिन्न खेल मैदानों, और सुव्यवस्थित इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी भी साझा की। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यार्थियों को फ्रेंच और जर्मन भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौकरी या उच्च शिक्षा के अवसरों का लाभ उठा सकें।

शिक्षण पद्धतियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि संस्थान में अनुभवात्मक शिक्षण, गतिविधि आधारित शिक्षण, और प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग को अपनाया गया है। इसके साथ ही लीडरशिप डेवलपमेंट, टीमवर्क और समस्या समाधान जैसे कौशलों को विकसित करने के लिए विभिन्न आयोजन किए जाते हैं।

डॉ. बाजपेयी ने यह भी कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले उद्यमी और नवप्रवर्तक तैयार करना है। इसी दिशा में स्टार्टअप कॉन्क्लेव, क्रिएटर्स कॉन्क्लेव, और उद्यमिता विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यावसायिक रूप देने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई, जो भारतीय परंपरा और ज्ञान की प्रतीक है। इसके पश्चात अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया गया और सभी विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस आयोजन में 400 से अधिक विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के पश्चात सभी उपस्थितों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिससे संस्थान की मेहमाननवाज़ी और समर्पण का परिचय मिला।

कार्यक्रम में प्रेस्टीज ग्रुप के वरिष्ठ सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें लेफ्टिनेंट जनरल एस. अय्यर (PIMR UG Campus, इंदौर), डॉ. आर. के. जैन (निदेशक, PIMR देवास), श्री राजीव रघुवंशी (ग्रुप डायरेक्टर, एडमिशन, इंदौर) एवं अन्य वरिष्ठ सदस्य शामिल थे।

कार्यक्रम के अंत मे विभागाद्यक्ष श्रीमती ममता ठाकुर ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

दीक्षा आरंभ कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को न केवल संस्थान से जोड़ने का कार्य किया, बल्कि उन्हें एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण प्रदान किया, जिससे वे अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत आत्मविश्वास और उत्साह के साथ कर सकें।

प्रेस्टीज भोपाल