समता समाधान पार्टी का बड़ा खुलासा नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी एच.आर. चौहान, सदस्य अभियांत्रिकी (वित्त) की फर्जी नियुक्ति एवं हजारों करोड़ का किया भ्रष्टाचार
समता समाधान पार्टी का बड़ा खुलासा
नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी एच.आर. चौहान, सदस्य अभियांत्रिकी (वित्त) की फर्जी नियुक्ति एवं हजारों करोड़ का किया भ्रष्टाचार
*भोपाल हेडलाइंस*
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*समता समाधान पार्टी की ओर से लोकायुक्त, ईओडब्लू, मुख्य सचिव, राज्यपाल एवं एसीएस डब्लूआरडी को शिकायत एवं रिमाइंडर भी लगातार दिए गए। ईओडब्लू द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए शासन को जाँच हेतु निर्देशित किया*
*कार्यपालन यंत्री के रूप में माननीय न्यायालय द्वारा जांच स्थापित करने के बावजूद भी न्यायालय के आदेश को ठेंगा दिखाया गया*
भोपाल। समता समाधान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पवार ने नर्मदा विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के वरिष्ठ अधिकारी एच.आर. चौहान पर गंभीर अनियमितताओं और शासकीय दस्तावेजों में हेराफेरी के आरोप लगाए है। सोमवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने चौहान की नियुक्ति को फर्जी करार देते हुए कहा कि उनकी पदस्थापना न्यायालीन प्रकरणों को अनदेखा करते हुए, गोपनीय प्रतिवेदनों और मेरिट प्रक्रिया के बगैर की गई है।चौहान की नियुक्ति समस्त पदों (1) मुख्य अभियंता नहर सनावद, (2) सदस्य, अभियांत्रिकीय, (3) सदस्य वित्त पर बोगस (फर्जी) तरीके से की गई है। नियुक्ति के पूर्व गोपनीय प्रतिवेदन नहीं बुलाए गए, मेरिट सूची एवं न्यायालीन प्रकरणों को अनदेखा किया। जिम्मेदारियों का दुरुपयोग करते हुए बड़ी-बड़ी निविदाएं निकाली गई, जिनकी दर प्रचलन दर से अधिक की गई है जिस कारण हज़ारो करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ तथा एक ही ग्रुप के 5-7 ठेकेदारों को उपक्रत किया गया। विशेष रूप से ब्लैक लिस्टेड कंपनी मेंटोना को निविदा दी गईं, जबकि नहीं देना चाहिए थी। वर्तमान में चल रहे कार्यों का एरिया बढ़ाकर बिना निविदा के स्वीकृति प्रदान की गईं, जिसमें हजारों करोड़ की हेरा-फेरी की गई है।
समता समाधान पार्टी की ओर से लोकायुक्त, ईओडब्लू, मुख्य सचिव, राज्यपाल एवं एसीएस डब्लूआरडी को शिकायत एवं रिमाइंडर भी लगातार दिए गए। ईओडब्लू द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए शासन को जाँच हेतु निर्देशित किया, और जांच भी जारी है। विभिन्न शासकीय एजेंसी द्वारा की जा रही जांच में कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। मुख्य अभियंता नर्मदा घाटी विकास इंदौर के प्रभारी श्याम सुंदर राउत द्वारा भी भारी भ्रष्टाचार किया गया है। कार्यपालन यंत्री के रूप में माननीय न्यायालय द्वारा जांच स्थापित करने के बावजूद भी न्यायालय के आदेश को ठेंगा दिखाया गया। यह जिम्मेदारी सदस्य, अभियांत्रिकी एच.आर. चौहान की है। इसलिए श्याम सुंदर राउत और एच. आर. चौहान न्यायालय के आदेश की अव्हेलना करने के आरोपी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का कोई ठोस कार्यवाही न करना इस बात का संकेत है कि भ्रष्टाचार को भीतर से संरक्षण मिल रहा है।पवार ने मांग की कि शासकीय दस्तावेजों में हेराफेरी करने के लिए दोषियों पर जनहित में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। अन्यथा पार्टी इस मामले को लेकर बड़ा आंदोलन करेगी।
