रहटगांव ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का खेल चरम पर, ग्रामीणों ने की जांच की मांग

 

रहटगांव से राहुल पवार (योगी) की खबर 

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रहटगांव/हरदा जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत रहटगांव इन दिनों भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, उपसरपंच और सचिव की मिलीभगत से पंचायत में योजनाओं का खुला दुरुपयोग किया जा रहा है।

 

ग्रामीणों के अनुसार पांचवां राज्य वित्त आयोग की योजनाओं में भारी गड़बड़ी हुई है। पुराने पेयजल कूप और बावड़ियों के सुधार के नाम पर 2 लाख 40 हजार रुपये निकाल लिए गए, जबकि जमीन पर एक ईंट तक नहीं लगी। इसी तरह एलईडी स्ट्रीट लाइट योजना में भी लाखों रुपये का गबन किया गया।

 

विधायक निधि से बनने वाला विजयरामटेक भवन वर्षों से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में प्रयोग होने वाला लोहा, सीमेंट और ईंट तक हड़प लिया गया।

 

इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय योजना में भी रिश्वतखोरी का खेल चल रहा है। गरीब और आदिवासी परिवारों से दूसरी किस्त दिलाने के लिए पैसों की मांग की जाती है। वहीं, रहटगांव को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) घोषित कर दिया गया है, जबकि कई वार्डों में आज भी लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।

 

ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पंचायत महीने में महज 10 दिन ही खुलती है, बाकी समय ताला लटका मिलता है। महिला सरपंच को आगे आने नहीं दिया जाता और उनका प्रतिनिधित्व उनके पति ही करते हैं। मीडिया से दूरी बनाए रखने के लिए भी सरपंच को सामने नहीं आने दिया जाता।

 

ग्रामीणों ने कलेक्टर और कमिश्नर से रहटगांव पंचायत की विशेष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सरपंच व सचिव को निलंबित करने की मांग की है।