प्रदेश में "राज्य किसान परामर्श बोर्ड" गठन की मांग
प्रदेश में "राज्य किसान परामर्श बोर्ड" गठन की मांग
भोपाल हेडलाइंस, सिराली संवाददाता संजय योगी की खबर
हरदा/मध्यप्रदेश में किसानों की समस्याओं और सुझावों को सीधे सरकार तक पहुँचाने के उद्देश्य से जमना जैसानी फाउंडेशन के अध्यक्ष शांति कुमार जैसानी ने मुख्यमंत्री को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर "राज्य किसान परामर्श बोर्ड" (State Farmers’ Advisory Board) के गठन की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान व्यवस्था में किसानों की आवाज़ निचले स्तर से ऊपर तक सही ढंग से नहीं पहुँच पाती। नतीजतन, कई योजनाएं ज़मीनी वास्तविकताओं से कटी रह जाती हैं और किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।
बोर्ड गठन का प्रस्ताव
जिला स्तर: प्रत्येक जिले से 1 किसान प्रतिनिधि चुना जाए, जो स्थानीय किसानों की समस्याओं और सुझावों को संकलित करे।
प्रदेश स्तर: विभिन्न कृषि क्षेत्रों जैसे – सोयाबीन, गेहूं, चना, मूंग, धान, गन्ना, सब्ज़ी, बागवानी, दुग्ध उत्पादन और ऑर्गेनिक खेती से 10 वरिष्ठ किसान प्रतिनिधियों का चयन हो। ये प्रतिनिधि जिलों से प्राप्त सुझावों को समाहित कर सरकार तक पहुँचाएँ।
बैठक व्यवस्था: जिला प्रतिनिधियों की बैठक हर तीन माह में और प्रदेश किसान बोर्ड की बैठक हर छह माह में मुख्यमंत्री या कृषि मंत्री के साथ आयोजित की जाए।
मुख्य उद्देश्य
किसानों की समस्याएं सीधे नीति-निर्माताओं तक पहुँचना।
योजनाओं पर ज़मीनी फीडबैक प्राप्त करना।
MSP, सिंचाई, बीज, मंडी और फसल बीमा जैसे मुद्दों पर सीधी चर्चा।
आधुनिक तकनीक, जैविक खेती और बाजार व्यवस्था पर विचार-विमर्श।
शांति कुमार जैसानी ने कहा कि इस बोर्ड के गठन से किसानों की समस्याएं “मध्य स्तर की अफसरशाही” में दबने के बजाय सीधे सरकार तक पहुँच सकेंगी। इससे सरकार और किसान के बीच विश्वास मज़बूत होगा और कृषि नीतियों में सुधार आसान होगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेश की कृषि व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएँगे।
