छोला दशहरा महोत्सव रावण दहन कार्यक्रम को विश्वास कैलाश सारंग, भगवानदास सबनानी, चंद्रशेखर तिवारी ने किया संबोधित - बालिस्ता रावत ।

 

संतोष योगी की खबर 

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       भोपाल की प्रथम और निर्वाचित श्री हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष तथा संस्कृति बचाओ मंच के प्रदेशाध्यक्ष, बजरंग दल पूर्व भोपाल जिला संयोजक चंद्रशेखर तिवारी ने संबोधित कर कहा कि समिति त्यौहार के साथ धर्मांतरण, लव जिहाद, गौ हत्यारों को रोकने और विधर्मियों को सबक सिखाने का भी काम करेंगी, जनता से किया आग्रह डांस के अतिरिक्त शस्त्र, शास्त्र, संस्कृति भी सीखें, दशहरा महोत्सव रावण दहन में हजारों की संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को भव्य तथा सफल बनाने पर अतिथियों और जनता का जताया आभार ।

        मध्यप्रदेश शासन में कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने संबोधित कर कहा कि दशहरा महोत्सव अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है, व्यक्ति को अधर्म और अहंकार को त्यागना होगा, अगले वर्ष इसी प्रांगण में करोड़ों की लागत से बन रही कॉरिडोर और दशहरा मैदान भव्य तथा मनमोहक दृश्य में दिखेगा, जनता को भरपूर आनंद प्राप्त होगा, चंद्रशेखर तिवारी ने श्री हिन्दू उत्सव समिति के माध्यम से सनातन धर्म, हिंदुओं की रक्षा की जो घोषणा की है, उसमें तिवारी जी को सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त रहेगा ।

       भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं दक्षिण पश्चिम विधानसभा विधायक भगवानदास सबनानी ने संबोधित कर रावण दहन में उपस्थित सभी को दशहरा महोत्सव की शुभकामनाएं दी और अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी को भव्य, सफल आयोजन के लिए बधाई दी ।

       श्री हिंदू उत्सव समिति के जिला प्रवक्ता बालिस्ता रावत ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर प्रांगण से शुभारंभ हुई चल समारोह, विजय भूमि छोला दशहरा मैदान रात्रि 10:30 बजे पहुंची, चल समारोह में बड़े भगवा ध्वज, श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, नारद के स्वरूपों का रथ और अखाड़े आकर्षण के केंद्र रहे, रावण दहन के बाद आतिश वाजियों ने जनता का मनमोह लिया, दशहरा महोत्सव के शुभारंभ पर ब्राह्मणों के मंत्रोचारण के साथ अध्यक्ष सहित अतिथियों ने भगवा ध्वज का पूजन किया, चंद्रशेखर तिवारी ने मंदिरों के महंतों को शाल, श्रीफल, दक्षिणा भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया, मुख्य अतिथि विश्वास कैलाश सारंग, विशेष अतिथि भगवानदास सबनानी, चेतन भार्गव सहित अन्य अतिथियों का शाल, श्रीफल, श्रीराम जी की सीनरी भेंटकर सम्मान किया अंत में भगवान के स्वरूपों की पूजन कर आरती उतारी ।