मंडी कर्मचारी महासंघ ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध — शासन की नीतियों पर जताया रोष
मंडी कर्मचारी महासंघ ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध — शासन की नीतियों पर जताया रोष
संतोष योगी की खबर
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बुरहानपुर।
कृषि उपज मंडी समिति बुरहानपुर में आज सुबह से ही मंडी कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित के नेतृत्व में काली पट्टी बांधकर शासन की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया।
इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के पूरा न होने और भावांतर योजना के लिए मंडी बोर्ड पर ₹1500 करोड़ का लोन लेने के दबाव का विरोध जताया।
जिला अध्यक्ष श्रीकांत गंगराड़े ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा भावांतर सोयाबीन योजना के संचालन के लिए मंडी बोर्ड से 1500 करोड़ रुपए का लोन लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि शासन पहले भी मंडी बोर्ड से हजारों करोड़ रुपये ले चुका है, लेकिन अब तक एक रुपये की भी वापसी नहीं की गई है।
प्रदेश उपाध्यक्ष सदानंद कापसे ने कहा कि मंडी बोर्ड की वार्षिक आय लगभग 300 करोड़ रुपए है, जिसमें कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन और स्थापना व्यय पर ही खर्च हो जाता है। ऐसे में शासन द्वारा और लोन लेना मंडी बोर्ड को आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास है।
विरोध में शामिल कर्मचारियों सुनील पाटिल, मनीष गंगराड़े, श्रीमती साधना पटेल, संतोष दलाल, उल्हास पटेल, मोहन कीर्तनी, सुरेश महाजन, मिलिंद महाजन, कुणाल महाजन, दिनेश सोनी (सेवानिवृत्त) और सुभाष महाजन ने कहा कि यदि यह लोन लिया गया तो मंडियां बंद होने की स्थिति में आ जाएंगी, जिससे किसानों, व्यापारियों और कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
कर्मचारियों ने मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक से मांग की है कि मंडी कर्मचारियों और अधिकारियों की लंबित मांगों को तत्काल पूरा किया जाए, अन्यथा 29 अक्टूबर को प्रदेशभर के हजारों कर्मचारी एक दिवसीय अवकाश लेकर मंडी बोर्ड का घेराव, प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
