मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर बघेली बुंदेली एवं मालवी भाषा साहित्य अकादमी के स्थापना के घोषणा की मांग।

 

संतोष योगी की खबर 

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 भोपाल, समग्र पिछड़ा वर्ग सामाजिक संगठन मध्य प्रदेश के प्रदेश संयोजक राम विश्वास कुशवाहा ने प्रदेश के ओजस्वी मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी को पत्र लिखकर मांग की है, कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा भाषा, संस्कृति, बोलियां, लोक कथाओं को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा आदिवासी लोककथा एवं बोली विकास अकादमी, साहित्य अकादमी, कालिदास संस्कृत अकादमी, सिंधी साहित्य अकादमी, उर्दू अकादमी, मराठी साहित्य अकादमी, पंजाबी साहित्य अकादमी, भोजपुरी साहित्य अकादमी तरह *बघेली, बुंदेली* एवं *मालवी* क्षेत्रीय बोली तथा भाषा की सुरक्षा एवं संवर्धन के लिए मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर 1 नवंबर 2025 को पृथक- पृथक बघेली, बुंदेली एवं मालवी साहित्य अकादमी के स्थापना के घोषणा की मांग की है।

श्री कुशवाहा ने कहा कि मध्य प्रदेश में भारतीय संस्कृति, परंपरा, रीति- रिवाज, तीज -त्यौहार,धार्मिक उत्सव, पारंपरिक रूप से मनाए जाते हैं। विभिन्न उत्सवों के अवसर पर लोकगीत, भजन ,कीर्तन, पारंपरिक गीत गाए जाते हैं । सामाजिक ताने -बाने में लोकोक्तियां, कहावतें, मुहावरों का प्रयोग क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाता है । बघेली, बुंदेली एवं मालवी भाषाओं को सुरक्षित रखने हेतु मध्यप्रदेश में इन क्षेत्रीय भाषाओं की साहित्य अकादमी की स्थापना समसामयिक है ।