संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज की 755 वीं जन्मोत्सव, देवउठनी एकादशी एवं तुलसी विवाह दिन शनिवार को बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा।
संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज की 755 वीं जन्मोत्सव, देवउठनी एकादशी एवं तुलसी विवाह दिन शनिवार को बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा।
संतोष योगी की खबर
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भोपाल/जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर रायसेन रोड पटेल नगर भोपाल में श्री श्री 1008 श्री दादाजी गुरुदेव चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं ट्रस्टी द्वारा बताया गया कि भक्ति आंदोलन के महान प्रवर्तक,समाज में समानता और सेवा का अद्वितीय संदेश देने वाले संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज की 755 वीं जन्मोत्सव के अवसर पर दिनांक 1 नवंबर दिन शनिवार प्रातः 10:00 बजे से गर्भग्रह परिक्रमा में स्थापित संत शिरोमणि नामदेव महाराज का भक्तों द्वारा अभिषेक, पूजन विधि विधान से किया जाएगा। साथ ही देवउठनी एकादशी भगवान विष्णु जी की विधि विधान से पूजन की जाएगी पौराणिक मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक इस दिन व्रत रखता है और भगवान विष्णु की आराधना करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है और उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। यह दिन विवाह, गृहप्रवेश, भूमि पूजन, यज्ञ आदि शुभ कार्यों की दोबारा शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। मंदिर प्रांगण में सांय 6:30 बजे से तुलसी विवाह किया जाएगा जिससे शुभ और मांगलिक कार्यों जैसे विवाह और गृह प्रवेश की शुरुआत होती है। महान संत नामदेव जी महाराज का जीवन भगवान विठ्ठल के प्रति गहन भक्ति, सामाजिक समरसता, निष्ठा व विनम्रता तथा सच्चे संतत्व का उदाहरण है। उन्होंने भक्ति को केवल कर्मकांड नहीं बल्कि आत्मा से जुड़ने का सरल और सच्चा मार्ग बताया। जात-पात, ऊँच-नीच और सामाजिक भेदभाव के उस दौर में उन्होंने सबको ईश्वर की संतान मानकर प्रेम, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। उनकी रचनाएँ आज भी गुरुग्रंथ साहिब में स्थान पाकर संसार को आलोकित कर रही हैं। उनकी वाणी में भक्ति का रस है और उनके जीवन में त्याग,तपस्या और सेवा का अमूल्य दर्शन,संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज की जयंती हम सभी के लिए आत्मचिंतन और भक्ति के पथ पर चलने की प्रेरणा है। यह अवसर है कि हम उनके विचारों को जीवन में उतारें और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में शांति, एकता और मानवता का संचार करें। इस शुभ अवसर पर आप सभी भक्त उपस्थित होकर पूर्ण लाभ प्राप्त करें।
