प्रथम पुरस्कार इंदौर के सूरज सिंह गुर्जर को — कर्मयोगी भारत अभियान में पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने रचा नया कीर्तिमान जबलपुर मुख्यालय में सम्मान समारोह, प्रबंध निदेशक श्री सुनील तिवारी ने उत्कृष्ट कार्मिकों को किया सम्मानित
प्रथम पुरस्कार इंदौर के सूरज सिंह गुर्जर को — कर्मयोगी भारत अभियान में पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने रचा नया कीर्तिमान जबलपुर मुख्यालय में सम्मान समारोह, प्रबंध निदेशक श्री सुनील तिवारी ने उत्कृष्ट कार्मिकों को किया सम्मानित
संतोष योगी की खबर 99932 68143
जबलपुर। भारत सरकार के कर्मयोगी भारत अभियान के तहत “इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग (iGOT)” पोर्टल पर आयोजित सितंबर 2025 के ‘सीखो सप्ताह’ में म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के कार्मिकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इसमें इंदौर के सूरज सिंह गुर्जर (कनिष्ठ अभियंता, 220 के.वी. उपकेंद्र देपालपुर) ने 105 कोर्स पूर्ण कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
उनके साथ श्रीमती नूतन शर्मा (कार्यपालन अभियंता, 68 कोर्स), श्री हेमराज पाटीदार (लाइन परिचारक, 64 कोर्स), श्री योगेश जैन (कार्यालय सहायक, 62 कोर्स), श्री विनोद कुमार पटेल (सहायक अभियंता, 56 कोर्स), श्री रंजीत रंगारी (46 कोर्स), श्रीमती आरती शिल्पी (कार्यपालन अभियंता, 44 कोर्स), श्रीमती हस्ती बिसेन (43 कोर्स) और श्री कुबेर सिंह (38 कोर्स) ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन कर कंपनी का नाम गौरवान्वित किया।
सभी चयनित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड मुख्यालय, जबलपुर में आयोजित सम्मान समारोह में प्रबंध निदेशक श्री सुनील तिवारी द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर श्री तिवारी ने कहा कि “कर्मयोगी भारत अभियान के लक्ष्यों की दिशा में कंपनी कर्मियों की सक्रिय भागीदारी सराहनीय है। ऐसे प्रशिक्षण न केवल कार्यकुशलता बढ़ाते हैं बल्कि आत्मविश्वास भी सुदृढ़ करते हैं।”
सम्मान समारोह में संगठन की ओर से श्री कुलदीप सिंह गुर्जर (प्रदेश महामंत्री, भारतीय मजदूर संघ), श्री सुशील कुमार पांडे (प्रदेश महामंत्री, बिजली कर्मचारी महासंघ), श्री अशोक शुक्ला (प्रदेश अध्यक्ष), श्री मनोहर पाटीदार (विभाग प्रमुख), श्री सुशील कुमार शिंदे, श्री आर.बी. टाले, राष्ट्रीय मंत्री श्री रमेश नगर, राष्ट्रीय प्रतिनिधि श्री अशोक राठौर (शाजापुर) सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और पुरस्कृत कार्मिकों को हार्दिक बधाइयाँ दीं।
