सरदार पटेल एकता और अखंडता के अधिनायक हैं - मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

सरदार पटेल के कार्यों को आगे बढ़ा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी -हेमंत खंडेलवाल

सरदार पटेल के हस्तक्षेप पर मिली भोपाल को आजादी- आलोक शर्मा

संतोष योगी की खबर 99932 68143

भोपाल/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने मंगलवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती पर ''एक भारत -आत्‍मनिर्भर भारत'' के लक्ष्‍य के साथ वल्लभ उद्यान स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क से यूनिटी मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्‍होंने सरदार पटेल जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर पौधरौपण किया। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला अध्यक्ष श्री रविंद्र यति, पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, पूर्व विधायक श्री ध्रुव नारायण सिंह, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल भारत की एकता और अखंडता के अधिनायक हैं। स्वतंत्रता संग्राम में उनके अद्वितीय योगदान और भोपाल सहित अनेकों रियासतों का भारत में विलय कराने में उनकी निर्णायक भूमिका ने उन्हें “लौह पुरुष” के रूप में अमर कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा सरदार वल्लभभाई पटेल यदि प्रधानमंत्री बनते तो भारत दुनियां में शिखर पर होता। उन्होंने देश की एकता बनाए रखने के लिए जो योगदान दिया है उसे भुलाया नहीं जा सकता। उनके अधूरे कार्यों को आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हम सबको एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर स्वागत भाषण में सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के आव्हान पर सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पूरे देश में उत्साह से मनाई जा रही है। तीन चरणों में अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उनके विजन को जमीन पर उतारने का काम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कर रहे हैं। सरदार पटेल अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद कठिन परिस्थितियों में 562 रियासतों का भारत में विलय कराया था। सांसद शर्मा ने कहा कि देश अंग्रेजों की गुलामी से 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया था लेकिन भोपाल रियासत में नबाव हमीदुल्लाह की सल्तनत थी। नवाब हमीदुल्लाह भोपाल का विलय भारत में न करते हुए भोपाल रियासत को पाकिस्तान में विलय करना चाहता था। ऐसे में भोपाल की आजादी के लिए लंबी लड़ाई लड़ी गई। विलीनीकरण आंदोलन हुआ। कईघटनाक्रमों और बलिदानों के बाद जब सरदार वल्लभभाई पटेल को खबर लगी तो उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में नवाब हमीदुल्ला को चेताया। तब जाकर भोपाल एक जून 1949 को आजाद हुआ। सांसद शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल के योगदान को हमें भूलना नहीं चाहिए। बल्कि उनके कार्यों को आगे बढ़ा रहे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्पों को पूरा करने के लिए सबको साथ मिलकर समर्थन करना है। यूनिटी मार्च कार्यक्रम में हजारों की संख्या में विद्यार्थी, युवा, मातृशक्ति, पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्ता गण, स्थानीय नागरिक पदयात्रा में साथ चले।

वल्लभ भवन स्थित पार्क से निकली पदयात्रा का जगह-जगह स्थानीय नागरिकों, व्यापारी संगठन एवं सामाजिक संगठनों द्वारा मंच लगाकर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। पदयात्रा के दौरान युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। रास्ते भर देशभक्ति के नारे और सरदार पटेल अमर रहें की गूंज सुनाई दे रही थी। न्यू मार्केट में टॉप एन टाउन पर युवाओं को नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाने के साथ पदयात्रा का समापन किया गया।