ग्राम पंचायतों में आत्मनिर्भरता का दीप प्रज्वलित कर रहे सरपंच बचपन सुरक्षित, भारत विकसित” अभियान ने रची नई मिसाल — डॉ. राजकुमार मालवीय
ग्राम पंचायतों में आत्मनिर्भरता का दीप प्रज्वलित कर रहे सरपंच
बचपन सुरक्षित, भारत विकसित” अभियान ने रची नई मिसाल — डॉ. राजकुमार मालवीय
संतोष योगी की खबर 99932 68143
निवाली/सेंधवा (बड़वानी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” और “स्वदेशी अपनाओ” के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में निवाली एवं सेंधवा तहसील के प्रमुख सरपंचों की संयुक्त बैठक उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कर्मयोगी डॉ. राजकुमार मालवीय ने की।
इस अवसर पर कर्मभूमि संस्था द्वारा संचालित “बचपन सुरक्षित, भारत विकसित” अभियान की प्रगति पर विस्तार से समीक्षा की गई।
डॉ. मालवीय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की भावना केवल आर्थिक स्वावलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सर्वांगीण विकास और समाज की नैतिक शक्ति से भी गहराई से जुड़ी है। उन्होंने कहा—
“यदि बचपन सुरक्षित रहेगा, तो भारत निश्चित रूप से विकसित बनेगा।”
उन्होंने आगे बताया कि आगामी कार्यशालाओं में प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य, पोषण, अधिकार और कर्तव्य जैसे विषयों पर तुलनात्मक अध्ययन एवं जनजागरण अभियान को और अधिक गति दी जाएगी।
बैठक में उपस्थित सरपंचों ने अपने-अपने ग्राम क्षेत्रों में चल रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। सभी ने एकमत होकर यह संकल्प लिया कि वे अपने गाँवों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे, जिससे युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार व आजीविका के अवसर उपलब्ध हो सकें।
बैठक में प्रमुख रूप से दिनेश तिरोले (घुड़चाल), कमल बडोले (पिपरखेड़ा), रामेश्वर जाधव (दिवानी), टिकाराम मोरे (वासवी), मोहन सोलंकी (सेंगवी), आशाराम जमरे (भुलगांव), जगन मेहता (धनोरा), रामेश्वर सोलंकी (चितराई), डेमा डावर (बिजापूरी), पाडु पटेल (रामकौला), रूपला जुकटे (रेलावती) एवं समाजसेवी विनोद सोलंकी उपस्थित रहे।
अंत में यह निर्णय लिया गया कि माह के अंतिम सप्ताह में भोपाल में आयोजित होने वाली वृहद कार्यशाला में सभी सरपंच सक्रिय रूप से सहभागिता करेंगे। इस कार्यशाला में बाल अधिकार संरक्षण, कर्तव्यबोध, ग्रामीण स्वावलंबन, आर्थिक सशक्त ग्राम पंचायत तथा स्वदेशी उद्यमिता जैसे विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
