मंडला कालम का शुभारंभ; भोपाल में श्री नारायण गुरु मंदिर में भव्य मंडलम् मकरविलक्कु महोत्सव का आयोजन
मंडला कालम का शुभारंभ; भोपाल में श्री नारायण गुरु मंदिर में भव्य मंडलम् मकरविलक्कु महोत्सव का आयोजन
संतोष योगी की खबर 9993268143
भोपाल, वार्षिक सबरीमला यात्रा के आरंभ का प्रतीक पवित्रमंडला कालमआज पारंपरिक श्रद्धा और गरिमा के साथ प्रारंभ हुआ। मलयालम मास वृश्चिकमके प्रथम दिवस से आरंभ होने वाला यह 41 दिवसीय अनुष्ठान विश्वभर में लाखों भक्तों को आकर्षित करता है, जो व्रत, संयम, ब्रह्मचर्य और सरल जीवन का पालन करते हैं।
काले वस्त्र धारण कर 'इरुमुडीं' घी से भरा नारियल और चावल युक्त दो खंडों वाला पवित्र वस्त्र-पुट्ठा के साथ यात्रा प्रारंभ करने वाले श्रद्धालु सबरीमला की पवित्र पदयात्रा हेतु स्वयं को प्रतीकात्मक रूप से तैयार करते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान अयप्पा ने राक्षसी महिषी का वध करने के उपरांत सबरीमला में तपस्या की थी, और यही कथा मंडला कालम की आध्यात्मिक आधारशिला मानी जाती है।
सबरीमला मंदिर अपनी सर्वधर्म समभाव की परंपरा के लिए प्रसिद्ध है और किसी भी जाति या पंथ के भक्तों का स्वागत करता है। 41 दिवसीय मंडला अवधि के पश्चात मंदिर तीन दिनों के लिए बंद रहता है और चौथे दिन पुनः दर्शन हेतु खुलता है, जिससे मकरविलक्कु पर्व का शुभारंभ होता है। इस कालखंड में भक्त भगवान अयप्पा द्वारा किए गए कठोर तप का अनुसरण करते हुए संयम, पवित्रता, करुणा और आत्मअनुशासन का पालन करते हैं।
भोपाल मेंश्री नारायण मिशन (एसएनएम) के तत्वावधान मेंगोविंदपुरा स्थित श्री नारायण गुरु मंदिरमें मंडलम् मकरविलक्कु महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया। आज से आरंभ हुई मंडला पूजा का समापन 27 दिसंबर 2025 को होगा।
दिन के कार्यक्रमों की शुरुआतगणपति होमम्औरदीपाराधनाके साथ हुई, जिसने मंदिर परिसर में आध्यात्मिक गरिमा का वातावरण निर्मित किया। मिशन के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने मंदिर को आकर्षक पुष्प सज्जा और रंगोली से अलंकृत कर भव्य उत्सवी परिवेश तैयार किया।
शाम के समय 400 से अधिक भक्तों ने मंदिर परिसर पहुंचकर भगवान अयप्पा के दर्शन किए और भक्ति गीतों व स्तोत्रों के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। यह आयोजन दक्षिण भारत, विशेषकर केरल, में मंडला पूजा से जुड़े गहरे सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को प्रतिबिंबित करता है।
महोत्सव मेपूजन, भजन, अन्नदानतथा सामूहिक प्रार्थनाओं के माध्यम से सामुदायिक एकता और आध्यात्मिक सद्भाव को प्रोत्साहित किया गया। एसएनएम के अध्यक्षश्री प्रकाशनन एस, उपाध्यक्षश्रीमती श्यामला सोमन, तथा सचिवश्री राजू बीने सभी भक्तों, और एसएनएम केक्षेत्रीय सचिवों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से महोत्सव का सफल एवं सुव्यवस्थित शुभारंभ संभव हो सका। दिन का समापनश्री के. विजयधरनद्वारा प्रायोजित सामूहिक भंडारे के साथ हुआ।
