सिविल जज भर्ती में OBC के साथ अन्याय का आरोप, DPSS ने नेता प्रतिपक्ष को सौंपा ज्ञापन

संतोष योगी की खबर 99932 68143

भोपाल। सिविल जज भर्ती 2022 में आरक्षित वर्गों, विशेषकर OBC वर्ग के साथ हुए कथित अन्याय को लेकर दलित पिछड़ा समाज संगठन (DPSS) ने आज विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने परीक्षा परिणाम को पक्षपातपूर्ण बताते हुए इसे आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ गंभीर अनियमितता करार दिया।

संगठन के अनुसार सिविल जज परीक्षा 2022 के 121 पदों में से 41 पद OBC वर्ग हेतु आरक्षित थे, लेकिन परिणाम में एक भी OBC अभ्यर्थी चयनित नहीं हुआ। पहले घोषित 118 पदों में 43 OBC पद थे, जिन्हें बाद में संशोधित कर संख्या घटा दी गई। DPSS ने इसे सुनियोजित तरीके से आरक्षित वर्गों के अधिकारों से छेड़छाड़ बताया।

ज्ञापन में संगठन ने तीन प्रमुख मांगें रखी—

1️⃣ सिविल जज परीक्षा की जिम्मेदारी पुनः MPPSC को दी जाए।

2️⃣ उच्च न्यायालय की चयन समिति द्वारा बदले गए चयन नियम तुरंत रद्द किए जाएँ।

3️⃣ सिविल जज 2022 की परीक्षा की पूर्ण जांच कर परीक्षा पुनः आयोजित की जाए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष रामवीर सिंह यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार 30 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं करती है, तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि OBC और अन्य आरक्षित वर्गों के साथ अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।