कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 23वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज, मंत्री विश्वास सारंग ने ग्रामीण स्वास्थ्य पर दिया जोर, देश में हर 15 मिनट में एक हार्ट अटैक
कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 23वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज, मंत्री विश्वास सारंग ने ग्रामीण स्वास्थ्य पर दिया जोर, देश में हर 15 मिनट में एक हार्ट अटैक
संतोष योगी की खबर 9993268143
भोपाल। जीवनशैली से जुड़ी गंभीर बीमारियों, खासकर मधुमेह और हृदय रोग से निपटने के उपायों पर चर्चा करने के लिए कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय 23वें राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश से लगभग 1000 चिकित्सकों ने भाग लिया। उद्घाटन सहकारिता एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने किया। उन्होंने कहा कि कि मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और दिल का दौरा जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए यह आवश्यक है।
लंबी उम्र के लिए '80 का मूल मंत्र'
डा. मनोरिया ने डायबिटीज और हार्ट अटैक से बचने तथा 80 वर्ष तक स्वस्थ रहने के लिए '80 के मूल मंत्र' का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कमर का घेरा (कमर) 80 (सेमी), नीचे का ब्लड प्रेशर 80 एमएम एचडी, एलडीएल कोलेस्ट्राल 80 एमजी, हृदय की धड़कन 80/मिनट, स्वयं को रोजाना दें 80 मिनट, मुस्कुरायें (एक माह में) 80 बार, धूम्रपान करने वालों से दूरी 80 मीटर रहे।
हर 15 मिनट में एक हार्ट अटैक
आयोजन अध्यक्ष डा. पंकज मनोरिया ने देश में तेजी से बढ़ रहे मधुमेह और हार्ट अटैक के मरीजों पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में लगभग 10 करोड़ मधुमेह के मरीज हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख लोगों को हार्ट अटैक होता है, यानी देश में हर 15 मिनट में एक हार्ट अटैक होता है। डा. मनोरिया ने स्पष्ट किया कि हार्ट अटैक कोई कैंसर नहीं है जिस पर काबू न पाया जा सके। यह पूरी तरह से जीवनशैली से संबंधित बीमारी है, और अनियमित जीवनशैली में सुधार किए बिना इस पर नियंत्रण पाना संभव नहीं है।
एंजियोप्लास्टी में नई तकनीक
डाक्टरों ने बताया कि हार्ट अटैक के मरीजों की एंजियोप्लास्टी में अब इंट्रावास्कुलर अल्ट्रासाउंड और आप्टिकल कोहेरेन्स टोमोग्रफी जैसी तकनीकों का उपयोग शुरू हो गया है। उन्होंने इन्हें 'हृदय रोग विशेषज्ञों की तीसरी आंख' बताते हुए कहा कि इन पद्धतियों से यह सुनिश्चित किया जाता है कि स्टेंट सटीक तरीके से लगाया गया है या नहीं, जिससे परिणाम बहुत अच्छे मिलते हैं। सम्मेलन में विश्व हार्ट फेडरेशन के निर्वाचित अध्यक्ष डा. दुरई राज प्रभाकरण, डा. सुनील गुप्ता, डा. नितीश नायक सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञों ने मोटापा, इंसुलिन पंप, लय संबंधी बीमारी और सीपीआर पर कार्यशालाएं आयोजित की।
