विदिशा के होनहार हार्दिक रघुवंशी ने तोड़ा कैलिफोर्निया के जेवियर लोपेज का रिकॉर्ड कास्टर बोर्ड पर रचा इतिहास, एक मिनट में लगाए 34 चक्कर — दुनिया का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड
विदिशा के होनहार हार्दिक रघुवंशी ने तोड़ा कैलिफोर्निया के जेवियर लोपेज का रिकॉर्ड
कास्टर बोर्ड पर रचा इतिहास, एक मिनट में लगाए 34 चक्कर — दुनिया का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड
संतोष योगी की खबर — 9993268143
भोपाल। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ग्राम कोठीचार के 14 वर्षीय होनहार हार्दिक रघुवंशी ने वह कर दिखाया है जो आज तक दुनिया में कोई नहीं कर पाया था। गुजरात में आयोजित वर्ल्ड रिकॉर्ड आयोजन में हार्दिक ने कास्टर बोर्ड पर सिर्फ एक मिनट में 34 चक्कर लगाए और अमेरिका के कैलिफोर्निया निवासी 17 वर्षीय जेवियर लोपेज का रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले जेवियर ने एक मिनट में 17 चक्कर लगाकर रिकॉर्ड बनाया था।
हार्दिक की यह उपलब्धि व्यक्तिगत सफलता से कहीं अधिक है—यह प्रदेश और देश के लिए गर्व का पल है। जिस उम्र में बच्चे खेल-खेल में समय बिताते हैं, उस उम्र में हार्दिक ने दुनिया को दिखा दिया कि अगर लगन और अनुशासन हो, तो असंभव भी संभव है।
तीन साल, तीन रिकॉर्ड — और अब दुनिया के शिखर पर
हार्दिक ने यह सफलता अचानक नहीं पाई। लगातार तीन वर्षों की मेहनत, अभ्यास और दृढ़ संकल्प का यह परिणाम है।
22 जनवरी 2022 – पहली बार एक मिनट में 22 चक्कर, पहला रिकॉर्ड
18 फरवरी 2023 – प्रदर्शन में सुधार, 29 चक्कर पूरे
5 जनवरी 2025 – 14 साल की उम्र में नया इतिहास, 34 चक्कर, वर्ल्ड रिकॉर्ड
उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को कई गुना पीछे छोड़ते हुए विश्व पटल पर भारत का नाम रोशन किया।
बिना कोच, सिर्फ आत्मविश्वास से पाया मुकाम
हार्दिक की सफलता का सबसे बड़ा पहलू यह है कि उन्होंने कोई प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं ली।
हार्दिक कहते हैं—
“मैंने कभी किसी कोच से ट्रेनिंग नहीं ली। खुद ही अभ्यास करता रहा। जब 22 चक्कर लगाए, तभी समझ आया कि मैं और कर सकता हूँ। रोज मेहनत की और आज यह मुकाम मिला। मैं आगे भी देश का नाम रोशन करना चाहता हूँ।”
उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार का सहयोग उनकी सफलता की असली ताकत है।
भोपाल में जन्म, विदिशा की जड़ें और वडोदरा में पढ़ाई
जन्म : 26 नवंबर 2010, भोपाल (ननिहाल)
पैतृक गाँव : कोठीचार, विदिशा
वर्तमान निवास : वडोदरा (गुजरात)
अध्ययन : ब्राइट डे स्कूल (CBSE), कक्षा 10वीं
पिता : अजय सिंह रघुवंशी, सन फार्मा, R&D मैनेजर
पिता बताते हैं कि हार्दिक बचपन से ही कुछ अलग करने का जुनून रखता है। पहली बार जब उसने कास्टर बोर्ड पर तेज चक्कर लगाए, तब ही समझ आ गया था कि वह बहुत आगे जाएगा।
हार्दिक का सपना — भारत का झंडा अंतरिक्ष में फहराना
हार्दिक केवल खेल तक सीमित नहीं है। उसका सपना है कि वह अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) बने।
वह विज्ञान और अंतरिक्ष की किताबें पढ़ना पसंद करता है।
हार्दिक का कहना है—
“मुझे अंतरिक्ष बहुत आकर्षित करता है। चक्कर लगाते हुए लगता है जैसे अंतरिक्ष की परिक्रमा कर रहा हूँ। एक दिन मैं अंतरिक्ष में पहुँचकर भारत का झंडा फहराना चाहता हूँ।”
प्रेरणा बनने वाला रिकॉर्ड
हार्दिक की यह शानदार हैट्रिक आने वाली पीढ़ियों के लिए संदेश है कि सपने कितने भी बड़े हों, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ उन्हें पूरा किया जा सकता है।
हार्दिक रघुवंशी ने न सिर्फ दुनिया का रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि यह साबित किया कि भारत के युवा प्रतिभाशाली, अनुशासित और दुनिया को नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।
