कामधेनु भवन, भोपाल द्विवर्षीय पशुपालन डिप्लोमा धारकों ने पाँचवीं बार सौंपा ज्ञापन उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक नहीं मिली नियुक्ति
कामधेनु भवन, भोपाल द्विवर्षीय पशुपालन डिप्लोमा धारकों ने पाँचवीं बार सौंपा ज्ञापन उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक नहीं मिली नियुक्ति
संतोष योगी की खबर
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भोपाल स्थित कामधेनु भवन में आज दिनांक 3 दिसंबर 2025 को द्विवर्षीय पशुपालन (वेटेरिनरी) डिप्लोमा धारक अभ्यर्थियों ने अपने न्यायसंगत अधिकारों की माँग को लेकर पाँचवीं बार विभाग को ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन पूर्णतः शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुआ। वेटरनरी डिप्लोमा होल्डर एसोसिएशन के मनोज नागले ने बताया अभ्यर्थियों का मुख्य मुद्दा यह है कि एवीएफओ (AVFO) भर्ती 2024–25 के दौरान ही माननीय उच्च न्यायालय द्वारा डिप्लोमा धारकों को सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी पद पर नियुक्ति देने के स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं, किंतु विभाग द्वारा अब तक इन आदेशों का क्रियान्वयन नहीं किया गया है। साथ ही, जिन डिग्री धारकों को पूर्व में नियुक्ति प्रदान की गई थी तथा जिनकी नियुक्ति माननीय उच्च न्यायालय के अंतिम आदेश के अधीन थी, उन नियुक्तियों को अभी तक निरस्त नहीं किया गया है, और न ही उन पदों पर डिप्लोमा धारकों की नियुक्ति की गई है। मध्य प्रदेश वेटेरिनरी डिप्लोमा होल्डर्स एसोसिएशन की प्रमुख माँगें: माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय को तत्काल लागू किया जाए। एवीएफओ भर्ती 2024 को बिना विलंब पूर्ण किया जाए तथा पात्र-अपात्र सूची जारी कर योग्य अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति दी जाए। जिन डिग्री धारकों की नियुक्ति न्यायालय के अंतिम आदेश के अधीन लंबित थी, उनकी नियुक्ति निरस्त कर, उनकी जगह डिप्लोमा धारकों को नियुक्ति प्रदान की जाए। भविष्य में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी (AVFO) पद पर भर्ती प्रक्रिया को भर्ती नियमों और न्यायालय के आदेशों के अनुरूप पूर्णतया डिप्लोमा धारक आधार पर किया जाए। अंत में, अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि विभाग द्वारा शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो आंदोलन को प्रदेशभर में व्यापक रूप दिया जाएगा, परंतु यह चरण भी पूरी तरह शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से ही किया जाएगा। वेटरनरी डिप्लोमा होल्डर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज नागले ने कहा कि
पशुपालन विभाग द्वारा 1 जून से 5 जून तक कुल 498 सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) कराया गया था। इनमें से 327 डिप्लोमा अभ्यर्थियों की पात्र/अपात्र सूची विभाग ने जारी कर दी है, परंतु शेष अभ्यर्थियों—अर्थात् डॉक्टर (डिग्री) वर्ग—के संबंध में आज दिनांक तक कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस पर गंभीर आपत्ति जताते हुए अभ्यर्थियों ने कहा कि विभाग की यह चुप्पी और जानकारी न जारी करना कई संदेहों को जन्म देता है। यह प्रश्न उठ रहा है कि— “विभाग किन कारणों या किस मंशा से डॉक्टर अभ्यर्थियों की जानकारी को सार्वजनिक करने से बच रहा है?” जबकि पारदर्शिता के मूल सिद्धांत के अनुसार, सभी अभ्यर्थियों की पात्रता/अपात्रता सूची एक साथ और समान रूप से जारी की जानी चाहिए थी, लेकिन केवल डिप्लोमा अभ्यर्थियों की सूची जारी कर शेष अभ्यर्थियों की जानकारी रोकना विभाग की नियत (इंटेंशन) पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
इस बार के परिणाम में ESB ने मुख्य मेरिट सूची के साथ 15% वेटिंग लिस्ट भी जारी की है। परंतु विभागीय स्थिति के अनुसार, पहली पोस्टिंग आदेश जारी होने के बाद पशुपालन विभाग में कुल 177 पद रिक्त रह जाएंगे। जारी वेटिंग सूची में केवल 90 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है, जबकि शेष अभ्यर्थियों—जिनके अंक वेटिंग सूची के अभ्यर्थियों के समान अथवा उनके बराबर हैं—को " Allowed" दिखाया गया है। यह प्रक्रिया न केवल अस्पष्ट है बल्कि योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय जैसा प्रतीत होता है। ऐसी स्थिति में विभाग द्वारा 177 पद रिक्त होने के बावजूद, केवल 90 वेटिंग उम्मीदवारों को मान्यता देना और समान अंक वाले अन्य अभ्यर्थियों को बाहर करना न्यायोचित तथा तर्कसंगत नहीं है। अतः विनम्र निवेदन है कि— पशुपालन विभाग एवं पशुपालन मंत्री जी, ESB से परिणाम (Result) का पुनः संशोधन (Revised Result) माँगने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करें। रिक्त बचे 177 पदों के लिए समान अंक वाले सभी योग्य अभ्यर्थियों को दस्तावेज़ सत्यापन (Verification) हेतु बुलाया जाए। पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, न्यायसंगत और समानता के आधार पर पूरा किया जाए।
इस बार के परिणाम में ESB ने मुख्य मेरिट सूची के साथ 15% वेटिंग लिस्ट भी जारी की है। परंतु विभागीय स्थिति के अनुसार, पहली पोस्टिंग आदेश जारी होने के बाद पशुपालन विभाग में कुल 177 पद रिक्त रह जाएंगे। जारी वेटिंग सूची में केवल 90 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है, जबकि शेष अभ्यर्थियों—जिनके अंक वेटिंग सूची के अभ्यर्थियों के समान अथवा उनके बराबर हैं—को "Not Allowed" दिखाया गया है। यह प्रक्रिया न केवल अस्पष्ट है बल्कि योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय जैसा प्रतीत होता है। ऐसी स्थिति में विभाग द्वारा 177 पद रिक्त होने के बावजूद, केवल समान अंक वाले अन्य अभ्यर्थियों को बाहर करना न्यायोचित तथा तर्कसंगत नहीं है। अतः विनम्र निवेदन है कि— पशुपालन विभाग एवं पशुपालन मंत्री जी, ESB से परिणाम (Result) का पुनः संशोधन (Revised Result) माँगने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करें। रिक्त बचे 177 पदों के लिए समान अंक वाले सभी योग्य अभ्यर्थियों को दस्तावेज़ सत्यापन (Verification) हेतु बुलाया जाए। पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, न्यायसंगत और समानता के आधार पर पूरा किया जाए।
