मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन जागरूकता पर किसान–वैज्ञानिक संवाद आयोजित
मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन जागरूकता पर किसान–वैज्ञानिक संवाद आयोजित
भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल में विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
लगभग 60 किसानों ने सहभागिता कर उठाया ज्ञानवर्धक सत्र का लाभ
संतोष योगी की खबर 9993268143
भोपाल हेडलाइंस मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत किसान–वैज्ञानिक संवाद बैठक का आयोजन 3 दिसंबर 2025 को भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. मनोरंजन मोहंती ने की, जबकि विभाग प्रमुखों और वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने विभिन्न विषयों पर किसानों को विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. मोहंती ने किसानों को संतुलित उर्वरक एवं खाद के उपयोग के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. तपन अधिकारी ने मिट्टी में भारी धातुओं के प्रभाव और बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला। मृदा भौतिकी विभाग के प्रमुख डॉ. एन.के. लेंका ने फसल अवशेष जलाने के दुष्प्रभाव बताते हुए किसानों को इसे रोकने की सलाह दी।
मृदा रसायन एवं उर्वरता विभाग के प्रमुख डॉ. एस.के. बेहरा ने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के लाभ समझाए, जबकि मृदा जीव विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. एस.आर. मोहंती ने कृषि में सूक्ष्मजीवों, वर्मीकम्पोस्ट और जैविक स्रोतों के महत्व पर चर्चा की।
कार्यक्रम में डॉ. संजय श्रीवास्तव ने मृदा परीक्षण व मृदा स्वास्थ्य कार्ड की भूमिका पर जानकारी दी, वहीं डॉ. आर.एस. चौधरी ने मृदा एवं जल संरक्षण के उपाय बताए। विश्व मृदा दिवस के आयोजन सचिव डॉ. आर. इलानचेलियन ने कृषि में इस दिवस के महत्व पर चर्चा की।
अंत में इफको के डॉ. ओम शरण तिवारी ने नैनो यूरिया के उपयोग और इसके लाभों पर किसानहित में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. बी.पी. मीना ने किया तथा डॉ. नारायण लाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस ज्ञानवर्धक संवाद में करीब 60 किसानों ने भाग लिया और किसान समन्वय समिति के सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता की।
