तीन दिवसीय प्रांतीय आर्य महासम्मेलन का शुभारंभ, एक ईश्वर की उपासना का संदेश—स्वामी ऋतस्पति
तीन दिवसीय प्रांतीय आर्य महासम्मेलन का शुभारंभ, एक ईश्वर की उपासना का संदेश—स्वामी ऋतस्पति
संतोष योगी की खबर 9993268143
भोपाल। डीएवीवी विद्यालय मैदान, भोपाल में तीन दिवसीय प्रांतीय आर्य महासम्मेलन का उद्घाटन 21 दिसंबर को श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः यज्ञ से हुई, जिसमें ब्रह्मा आचार्य योगेन्द्र याज्ञिक ने वैदिक विधि से यज्ञ सम्पन्न कराया। मंत्रोच्चार मोहन बड़ोदिया गुरुकुल की कन्याओं द्वारा किया गया।
आचार्य योगेन्द्र याज्ञिक ने यज्ञ के महत्व, लाभ और मानव जीवन पर इसके प्रभाव को विस्तार से समझाया। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए स्वामी ऋतस्पति जी ने कहा कि “एक ही ईश्वर है और उसी की उपासना करनी चाहिए। ईश्वर की प्रार्थना मानव जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती है।”
इसके बाद ओम् ध्वजारोहण का आयोजन हुआ। अध्यक्षता स्वामी ऋतस्पति ने की, जिसमें प्रांतीय सभा के प्रधान प्रकाश आर्य, पूर्व प्रधान इन्द्रप्रकाश गांधी और सचिव अतुल वर्मा सहित पदाधिकारी उपस्थित रहे। गुरुकुल की कन्याओं ने ओम् ध्वज गीत प्रस्तुत कर वातावरण आध्यात्मिकता से भर दिया।
द्वितीय सत्र के प्रारंभ में हरिओम सरल और दिलीप आर्य ने भजन प्रस्तुत किए, जिससे परिसर धर्ममय हो गया।
इस सत्र में पूर्व सांसद आलोक संजय ने कहा कि आर्य समाज समाजिक संस्कारों और ज्योत से ज्योत जलाने का कार्य कर रहा है। वरिष्ठ संपादक जगदीश शर्मा ने सम्मेलन की प्रशंसा करते हुए सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्य वक्ता आचार्य योगेन्द्र याज्ञिक ने “सनातन धर्म और आर्य समाज” विषय पर सारगर्भित विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्य समाज और वेद ज्ञान सनातन संस्कृति का आधार हैं। उन्होंने कहा—
“जो लोग सनातन को समाप्त करने की बात करते हैं, उन्हें पहले ईश्वर को समाप्त करना होगा। जब ईश्वर का अस्तित्व अनंत है, तो सनातन भी कभी समाप्त नहीं हो सकता।”
अध्यक्षीय संबोधन में स्वामी ऋतस्पति ने कहा कि समाज का मुख्य उद्देश्य विश्वकल्याण है। उन्होंने दावा किया कि—
“देश को भव्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बना सकते हैं, लेकिन देश को दिव्य और महान बनाने का कार्य आर्य समाज ही कर सकता है।”
मंच से संयोजक विजय अग्रवाल और संरक्षक दिनेश अग्रवाल ने भी विचार रखे। स्वागत उद्बोधन प्रधान प्रकाश आर्य ने दिया, जबकि संचालन सचिव अतुल वर्मा ने किया। आभार दक्ष देव गौड़ ने ज्ञापित किया।
महिला सम्मेलन का आयोजन
सम्मेलन के तीसरे सत्र में महिला सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें महिला स्वतंत्रता, समाज में भूमिका और सांस्कृतिक शिक्षा पर चर्चा की गई।
इस सत्र की अध्यक्षता पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं महू विधायक सुश्री उषा ठाकुर ने की। संचालन राकेश शर्मा ने किया।
महिला सम्मेलन में गुरुकुल की ब्रह्मचारिणी छात्राओं, आचार्या ऋचा शास्त्री और अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। बीच-बीच में मोहन बड़ोदिया गुरुकुल की कन्याओं ने नृत्य व भजन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।
