हरदा के नेहरू स्टेडियम में 21 सूत्रीय मांगों को लेकर करणी सेना परिवार का जनक्रांति आंदोलन समाप्त राजनीती पार्टी बनाने का एलान किया
हरदा के नेहरू स्टेडियम में 21 सूत्रीय मांगों को लेकर करणी सेना परिवार का जनक्रांति आंदोलन समाप्त राजनीती पार्टी बनाने का एलान किया
भोपाल हैडलाइंस जिला ब्यूरो संजय योगी की खबर
हरदा - रविवार को नेहरू स्टेडियम में करनी सेना एवं सर्व समाज का जन क्रांती आन्दोलन को सर्व समाज के पदाधिकारीयों ने मंच से अपनी बात कही आन्दोलन 12 घंटे तक लगातार चला मध्यप्रदेश, राजस्थान ,एवं अन्य क्षेत्र से करीब 22 हजार से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक इसमें शामिल रहे, एस बताया जा रहा है कि हरदा जिले का अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन है ।इस प्रकार का आन्दोंलन अभी तक हरदा नगर में नही हुआ है ।
रात तकरीवन 8 बजे राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। ओर उन्होंने कहा कि अब आंदोलन के बजाय राजनीतिक दल बनाकर सर्व समाज की मांगों को लोकसभा और विधानसभा में उठाया जाएगा।
शेरपुर ने बताया कि आज हजारों करणी सैनिकों ने पार्टी बनाने का भी समर्थन किया और उन्होंने करणी सैनिकों से वचन लिया कि वे आर एस एस की तर्ज पर दल की मजबूती के लिए काम करेंगे। ओर जन हितेषी मुद्दे उठाएगें । शेरसिंह ने अपना अनशन समाप्त किया।
लाठीचार्ज के दोषियों पर कार्रवाई के दिए आदेश
हरदा में जुलाई महीने में हुए लाठीचार्ज के आरोपियों में शामिल पांच पुलिस कर्मियों को हटाने और उनके खिलाफ मजिस्ट्रियल जांच के आदेश कलेक्टर ने दे दिए हैं। जांच का नेतृत्व एस डी एम सिवनी मालवा करेंगे।
जल्दी ही राजनीतिक दल और चुनाव का ऐलान
राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि करणी सेना अब चुनाव लड़ेगी और अपने राजनीतिक दल के माध्यम से जनता की आवाज संसद और विधानसभा तक पहुंचाएगी।
शेरपुर ने बताया कि दल बनने के बाद वे मांगों के लिए सियासी लड़ाई लड़ेंगे। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो भोपाल के बाद दिल्ली का घेराव किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दल बनाने का निर्णय समूचे संगठन ने एवं सैनिकों से समर्थन लिया गया और कहा कि जल्द ही दल का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा।
शेरपुर ने कहा, "हमारी बातों को सदन में कोई नहीं उठाता। अब हम अपनी पार्टी वनाकर सदन में अपनी आवाज उठाएगें करणी सैनिक अपना तन, मन और धन इस दल की मजबूती में लगाएगा। इस लड़ाई को अधूरा नहीं छोड़ेंगे, इसे दिल्ली तक ले जाएंगे।"
प्रमुख मांगें रही
न्यायिक जांच, केस वापसी, आरक्षण व भर्ती प्रक्रिया में सुधार, आर्थिक आधार पर आरक्षण, किसानों के मुद्दे, बिजली बिल-स्मार्ट मीटर, शिक्षा-रोजगार, महिला सुरक्षा, गो-संरक्षण, पूर्व सैनिक और मीडिया कर्मियों से जुड़ी अन्य मांगें शामिल हैं ।
