परिक्रमा वासियों की राह होगी आसान: नर्मदा पथ पर लगाए जा रहे हैं सांकेतिक बोर्ड
परिक्रमा वासियों की राह होगी आसान: नर्मदा पथ पर लगाए जा रहे हैं सांकेतिक बोर्ड
भोपाल हैडलाइंस जिला ब्यूरो चीफ संजय योगी की खबर 7805953532
छिपाबड़: मां नर्मदा की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को अब रास्ते की दुविधा से मुक्ति मिलेगी। अखिल भारतीय मां नर्मदा परिक्रमा सेवा संगठन और छिपाबड़ की रामफेरी टीम के साझा प्रयासों से परिक्रमा मार्ग पर सांकेतिक बोर्ड (एरो) लगाने का पुनीत कार्य शुरू किया गया है।अभियान के तहत हरदा से मुंदी तक का प्रथम चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस मार्ग पर प्रमुख स्थानों और मोड़ों पर लाल रंग के तीर (एरो) और दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि जल्द ही दूसरे चरण का कार्य शुरू होगा, जिसमें मुंदी से ओंकारेश्वर तक का मार्ग कवर किया जाएगा। यह योजना पूरी नर्मदा परिक्रमा पथ पर निरंतर जारी रहेगी।मार्गदर्शन बोर्ड लगाने के इस सेवा कार्य में संगठन के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री महेश जी गोयल (सिवनी मालवा) और राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामानुजदास केवलराम मीणा (छिपाबड़) के नेतृत्व में टीम जुटी हुई है। साथ ही छिपाबड़ की रामफेरी टीम से श्री सुरेन्द्र जी राजपूत, भूरेलाल जी राजपूत, परसराम जी (कुडावा वाले), रूपसिंह जी राजपूत (शोभापुर) और अशोक कुमार मीणा सक्रिय रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन सांकेतिक चिन्हों का मुख्य उद्देश्य यह है कि दूर-दराज से आने वाले परिक्रमा वासी घने रास्तों या अनजान मोड़ों पर रास्ता न भटकें। बोर्ड और एरो के निशानों को देखकर श्रद्धालु अपने सही मार्ग पर आगे बढ़ सकेंगे। यह पूरा अभियान जनसहयोग के माध्यम से चलाया जा रहा है। संगठन ने अपील की है कि यदि कोई श्रद्धालु अपनी स्वेच्छा से बोर्ड बनवाकर देना चाहता है, तो वह इस पुनीत कार्य में भागीदार बन सकता है। दानदाता सौजन्य के रूप में बोर्ड पर अपना नाम भी अंकित करवा सकते हैं। नर्मदा पथ पर 'एरो' दिखाएंगे रास्ता, परिक्रमा वासियों की सुविधा के लिए संगठन की बड़ी पहल।
