यीशु मसीह के जन्म से पूर्व सेंट जॉन चर्च में हुई ज्योति की आराधना रेवरेंट डॉ. अनिल मार्टिन ने बताया— अंधकार पर ज्योति की विजय का आध्यात्मिक संदेश

संतोष योगी की खबर 

 

भोपाल। प्रभु यीशु मसीह के जन्म से एक दिन पूर्व सेंट जॉन चर्च, गोविंदपुरा में ज्योति की आराधना श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर मसीही समाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। ज्योति की आराधना का उद्देश्य अंधकार पर प्रकाश की विजय, पाप पर सत्य की जीत और मानव जीवन को सही मार्गदर्शन प्रदान करने के संदेश को आत्मसात करना रहा।

आराधना के दौरान अपने संदेश में रेवरेंट डॉ. अनिल मार्टिन ने कहा कि सृष्टि की रचना से पूर्व संपूर्ण संसार अंधकार और जल से भरा हुआ था। तब परमेश्वर ने सबसे पहले ज्योति का सृजन कर अंधकार को दूर किया और बेडौल पृथ्वी को एक सुंदर स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने बताया कि जब मनुष्य पाप और शैतान के बंधन में फंस गया, तब परमेश्वर स्वयं ज्योति का स्तंभ बनकर अपनी चुनी हुई प्रजा और समस्त मानव जाति का मार्गदर्शन करता रहा।

रेवरेंट डॉ. मार्टिन ने आगे कहा कि जब संसार में पाप, अंधकार और सांसारिक शक्तियों का प्रभाव बढ़ गया, तब ठीक समय पर प्रभु यीशु मसीह को “ज्योति की संतान” के रूप में इस संसार में भेजा गया। इसी कारण मसीही समाज प्रभु यीशु के जन्म से एक दिन पूर्व ज्योति की आराधना करता है, ताकि यह स्मरण रहे कि ज्योति के आगमन से अंधकार का अंत हुआ और पाप की सत्ता पर विजय प्राप्त हुई।

उन्होंने कहा कि ज्योति के सामने खड़े होने पर मनुष्य को अपने जीवन की वास्तविकता का आभास होता है, जैसे आईने के सामने खड़े होकर व्यक्ति अपने भीतर की सच्चाई देखता है। इसी कारण पापमय जीवन ज्योति का सामना करने का साहस नहीं कर पाता।

इस अवसर पर अमन मार्टिन सहित सेंट जॉन चर्च, गोविंदपुरा के धर्मगुरु, समाजसेवी और बड़ी संख्या में जनमानस उपस्थित रहा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।