प्रदेश के सबसे बड़े भोजपाल महोत्सव मेला का 1 जनवरी को होगा समापन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— मेला लोगों को जोड़ने की संस्कृति है

 

संतोष योगी की खबर 

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भोपाल।

राजधानी के भेल दशहरा मैदान में आयोजित प्रदेश के सबसे बड़े भोजपाल महोत्सव मेला का भव्य समापन आगामी 1 जनवरी को होगा। मेले में रोजाना लाखों लोग परिवार सहित पहुंच रहे हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों, झूलों, खानपान व स्वदेशी उत्पादों का आनंद ले रहे हैं।

शुक्रवार को मेले का भ्रमण करने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भव्य स्वागत किया गया। भोजपाल महोत्सव मेला समिति के अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम, उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी सहित पूरी टीम ने ढोल-ताशों और पुष्पवर्षा के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इस अवसर पर आतिशबाजी भी की गई।

मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलन कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। समिति द्वारा उन्हें शाल-श्रीफल, स्मृति चिह्न और त्रिशूल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर महेंद्र नामदेव, अखिलेश नगर सहित मेला समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

विभिन्न राज्यों के दुकानदारों से की चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेला भ्रमण के दौरान राजा भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से आए दुकानदारों के स्टॉल पर जाकर उनके उत्पाद देखे और संवाद किया। दुकानदारों ने गुलदस्ता भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इस पहल की सराहना करते हुए मेला समिति को धन्यवाद दिया। उन्होंने मेले में आए नन्हे-मुन्ने बच्चों को दुलारते हुए उनके साथ सेल्फी भी ली।

मेला लोगों को जोड़ने का माध्यम

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला लोगों को जोड़ने की संस्कृति है। राजा भोज की स्मृति में भोजपाल मेला समिति द्वारा पिछले 12 वर्षों से निरंतर इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मंच के माध्यम से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है और छोटे व्यापारियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मिट्टी की पानी की बोतल खरीदी और गराड़ू का स्वाद लिया, जिसका भुगतान उन्होंने स्वयं किया।

सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद पर मिलेगा 25 हजार का इनाम

मुख्यमंत्री ने राहगीर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करना मानव कर्तव्य है। घायलों को अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वाले मददगारों को सरकार की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। ऐसे मामलों में पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है, सरकार पूरी मदद करेगी।

मेला अध्यक्ष ने रखा पतंग उत्सव का प्रस्ताव

मेला समिति के अध्यक्ष सुनील यादव ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखते हुए कहा कि समिति मेला, मटकी फोड़ प्रतियोगिता, गरबा महोत्सव और दशहरा उत्सव का सफल आयोजन करती आ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उनके आशीर्वाद से मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव आयोजित करने की अनुमति प्रदान की जाए।

सूफी गीतों और नृत्यों ने बांधा समां

मेला मंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सुरआस्त्र सूफी बैंड के अभिषेक बरथरे द्वारा प्रस्तुत सूफी गीतों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

“दिल विच तेरा प्यार बसा के”, “कितना सोना तेनू रब ने बनाया”, “छाप तिलक मोहे दीन्ही रे”, “ये मोह मोह के धागे”, “तेरी दीवानी” सहित एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों पर लोग देर शाम तक झूमते नजर आए।

मेला टीम संभाल रही व्यवस्थाएं

मेले की व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संभालने में मेला समिति के सदस्य विनय कुमार, मो. जाहिद खान, सुनील शाह, मधु भवनानी, केश कुमार, चंदन वर्मा, दीपक शर्मा, गोपाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह, मो. रेहान खान, दीपक बैरागी, देवेंद्र चौकसे, सुनील वैष्णव, गौरव जैन, संदीप सहित अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।