शासकीय महाविद्यालय सिराली की अव्यवस्थाओं को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन फुटकर व्यापारी संघ व जयस ने चेताया— मांगें नहीं मानी गईं तो होगा आंदोलन
शासकीय महाविद्यालय सिराली की अव्यवस्थाओं को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन फुटकर व्यापारी संघ व जयस ने चेताया— मांगें नहीं मानी गईं तो होगा आंदोलन
भोपाल हेडलाइंस | जिला ब्यूरो – संजय योगी की खबर 
सिराली/शासकीय महाविद्यालय सिराली में व्याप्त शैक्षणिक अव्यवस्थाओं, स्टाफ की भारी कमी एवं मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर फुटकर व्यापारी संघ सिराली एवं जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस), जिला हरदा के संयुक्त तत्वावधान में तहसीलदार सिराली को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से महाविद्यालय की गंभीर समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए शीघ्र निराकरण की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि शासकीय महाविद्यालय सिराली को संचालित हुए लगभग 10 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज तक यहां आवश्यक शैक्षणिक संसाधन, नियमित व्याख्याता एवं बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसका सीधा असर ग्रामीण एवं आदिवासी अंचल से आने वाले छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थी शहरों के महाविद्यालयों में प्रवेश नहीं ले पाते, जिससे कई होनहार छात्र-छात्राएं पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। कॉमर्स व अर्थशास्त्र में स्टाफ का अभाव ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि महाविद्यालय में कॉमर्स विषय में आज तक एक भी व्याख्याता की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे इस विषय की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित है। वहीं अर्थशास्त्र विषय में भी लंबे समय से व्याख्याता का पद रिक्त है। इसके अतिरिक्त मैथ्स एवं साइंस जैसे महत्वपूर्ण विषय अब तक प्रारंभ नहीं किए गए हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों को दूर-दराज के महाविद्यालयों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्वच्छता, सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाएं बदहाल संगठनों ने कॉलेज परिसर की खराब स्वच्छता व्यवस्था पर चिंता जताते हुए बताया कि पर्याप्त चौकीदारों की नियुक्ति नहीं होने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। साथ ही छात्र संख्या अधिक होने के बावजूद सुरक्षा कर्मियों की कमी बनी हुई है, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो रहा है। पुस्तकालय व खेल मैदान भी उपेक्षित
ज्ञापन में पुस्तकालय में पर्याप्त पुस्तकों की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया गया। वहीं कॉलेज का खेल मैदान ऊबड़-खाबड़ एवं जर्जर अवस्था में है, जिसे समतल कर विकसित किए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें—
सभी रिक्त पदों पर शीघ्र व्याख्याताओं की नियुक्ति कॉमर्स विषय में तत्काल व्याख्याता की पदस्थापना अर्थशास्त्र विषय में व्याख्याता की नियुक्ति मैथ्स एवं साइंस विषयों को शीघ्र प्रारंभ किया जाए कॉलेज परिसर में कम से कम दो चौकीदारों की नियुक्ति छात्र संख्या के अनुसार दो सुरक्षा कर्मियों की तैनाती पुस्तकालय में पर्याप्त पुस्तकों की उपलब्धता कॉलेज प्रबंधन को पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए जर्जर खेल मैदान को समतल कर विकसित किया जाए आंदोलन की चेतावनी जयस आदिवासी युवा शक्ति एवं फुटकर व्यापारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो छात्र-छात्राओं के हित में आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।ये रहे उपस्थित पदाधिकारी
ज्ञापन सौंपने के दौरान फुटकर व्यापारी संघ की ओर से अध्यक्ष शेख असलम, आशीष योगी, शिवम सोनी, आनंद सिंदा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। जयस आदिवासी युवा शक्ति की ओर से जिला अध्यक्ष सत्यनारायण सुचार, जिला कोषाध्यक्ष शैतान सिंह उईके, ब्लॉक प्रभारी गोविंद उईके, वरिष्ठ कार्यकर्ता चैन सिंह उईके, महेश कुमार, राजेश धुर्वे, दशरथ उईके, देवी सिंह सेजकर एवं संगठन के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
