सुर संदेश” की सुरमई गीतों की महफ़िल ने बांधा समा, संगीत बना भावनाओं का उत्सव
सुरों से जुड़ा यह सफ़र… सिर्फ़ संगीत नहीं, भावनाओं का उत्सव है 
“सुर संदेश” कराओके म्यूजिकल ग्रुप द्वारा आयोजित यह सुरमई गीतों की महफ़िल इस बात का प्रमाण है कि जब दिलों में संगीत बसता है, तो हर मंच परिवार बन जाता है।
दीप प्रज्वलन से लेकर अंतिम सुर तक, हर कलाकार ने यह दिखा दिया कि उम्र, पेशा या पहचान नहीं— जज़्बा और समर्पण ही असली कलाकार की पहचान होते हैं।
मंच पर गूंजे हर गीत में मेहनत थी, हर ताल में आत्मीयता थी और हर प्रस्तुति में दिल से निकली सच्ची भावना थी।
सभी गायक–गायिकाओं ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाकर यह साबित किया कि संगीत प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सहयोग और सृजन का माध्यम है।
आयोजक श्री संदेश सुले जी का यह प्रयास न सिर्फ़ एक कार्यक्रम, बल्कि एक प्रेरणा है—
कि सपनों को अगर सुर मिल जाएँ, तो वे भी गीत बन जाते हैं।
संतोष योगी की खबर 99932 68143
भोपाल का मशहूर संगीत मंच- सुर संदेश कराओके म्यूजिकल ग्रुप के आयोजक शी संदेशसुले द्वारा फूडक्राफ्ट रेस्टोरेंट में "सुरमई गीतों की महफिल सम्म संगीत संध्या का आयोजन किया कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजक, टीम, और सिंगरों द्वारा श्री गणेश जी एवं माँ सरस्वती जी जी की की प्रतिमा प्रतिमा को पुष्प माला अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया एवं गणेश वंदना, सरस्वती वंदना के बाद शानदार, धमाकेदार भी गीतों की शुरुआत की गई जिसमें श्री आदेश जी, जुगादे जी, अभिताभ जी. अविनाश जी, अमित जी, रवि मालवीय जी, मनीष जी, राजपूत जी, मुकेश चौधरी जी, मुकेश बाहर जी. समीर काले जी श्रोती जी, रविशंकर जी, मनोज जी. अभिजित जी. पिल्लई सरजी, राजेशजी माईका मौरख जी. रणदिवे जी, प्रकाश जी, अतुल श्री एवं श्री मति शशिकला जी, सतीश जी, अरविंद जी,खान साहब,सुमन जी, नंदाजी ममता, सुगंधा जी, सुनीता जी, वसुंधरा जी, साधना जी. संध्याजी, मीनाजी, रामजी सुनंदा जी, साक्षी जी, एवं आकाश वाणी मंच कलाकार शिवांगी पवार ताई कारा सुरीले गीतों की तक रुककर प्रोग्राम को सफन प्रस्तुती देकर समा बांधी सभी गायक गायीका खोलाम के समाप्ती तक बनाया और अन्त में आयोजक, संदेश द्वारा मै जट यमला पगला गीत को गाकर जिसे रवि मालवीयजी काश गाकर सभी को मंच पर डांस करने मजबूर कर दिया और अन्त में श्री अनुमजी, रणदिवे जी शरा प्रथम पधारे 20 सिंगरों को पुरुस्कार देकर प्रोत्साहित किया।
