टीकमगढ़ के हैदरपुरा में लोकतंत्र की हत्या , दलित महिला सरपंच दिल्ली में मजदूरी करने को मजबूर, दबंग चला रहे हैं पंचायत : मुकेश बंसल*
*टीकमगढ़ के हैदरपुरा में लोकतंत्र की हत्या , दलित महिला सरपंच दिल्ली में मजदूरी करने को मजबूर, दबंग चला रहे हैं पंचायत : मुकेश बंसल*
संतोष योगी की खबर 99932 68143
भोपाल बांस शिल्पकार युवा शक्ति संगठन धानुक समाज के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश बंसल ने मध्यप्रदेश के जिला टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत हैदरपुरा (तहसील बड़ागाँव) में प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुये दंबंगों द्वारा सामंतशाही प्रथा से दबााव बनाकर महिला संरपंच के साथ हुई अन्यायपूर्ण कार्यवाही पर कडी आपत्ति दर्ज करायी हैा उन्होंने कहा कि सरपंच पद पर निर्वाचित अनुसूचित जाति की महिला सरपंच, रामकुंवर पति पप्पू बंशकार दबंगों के सामंतवादी दबाव के कारण दिल्ली में मजदूरी करने को विवश हैं । वहीं उक्त महिला के स्थान पर गांव के कुछ रसूखदार दबंग अपनी दंबंगाई दिखाकर उनकी पंचायत का संचालन खुलेआम कर रहे हैं।
श्री बंसल ने सरपंच के अधिकारों का अपहरण का आरोप लगाते हुये कहा है कि दबंगों ने सामंतशाही प्रथा के बल पर सरपंच की आधिकारिक सील और हस्ताक्षरित कागजात अपने कब्जे में ले रखे हैं। शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन निर्वाचित प्रतिनिधि के बजाय अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा है। वहीं वास्तविक जनप्रतिनिधि दंबंगों के चलते अपना घर परिवार छोडकर दूसरी जगह मजदूरी के लिए विवश हैा श्री बंसल ने बताया कि उक्त मामले का खुलासा तब हुआ जब सरपंच के पुत्र अक्षय बंशकार की सड़क दुर्घटना के बाद गांव की मुखिया गांव में मौजूद ही नहीं हैं। वह अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए दिल्ली में शारीरिक श्रम (मजदूरी) कर रही हैं।
श्री बंसल ने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कलेक्टर टीकमगढ़ और संबंधित प्रशासनिक अमला इस पूरी स्थिति से अवगत होने के बावजूद मौन साधे हुए है।
यह मामला न केवल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन है, बल्कि अजा/अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम और पंचायती राज अधिनियम की धाराओं के तहत भी दंडनीय अपराध है। निर्वाचित प्रतिनिधि को उसके संवैधानिक कर्तव्यों से रोकना और डरा-धमकाकर उनके अधिकारों का उपयोग करना लोकतंत्र के लिए एक काला धब्बा है।
श्री बंसल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ0 मोहन यादव और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मांग की है कि जिला प्रशासन तत्काल इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए। महिला सरपंच को सुरक्षा और उन्हें सम्मान वापिस दिलाया जाए।
पंचायत के दस्तावेजों और सील का दुरुपयोग करने वाले दबंगों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर विधि सम्मत कार्यवाही की जाए। वहीं यदि प्रशासन इस सामंतवादी प्रथा के विरुद्ध सख्त कदम नहीं उठाता है, तो यह स्पष्ट होगा कि क्षेत्र में कानून का नहीं बल्कि बाहुबलियों का राज है। श्री बंसल ने पत्र के माध्यम से सामंतवादी विचारधारा वाले व्यक्तियों के विरूद्व शीघ्र प्रशासनिक कार्यवाही करने की मांग की हैा
