आयुर्वेद के वैश्विक प्रसार हेतु भोपाल में हुआ ग्लोबल वैद्य 1.0 अंतरराष्ट्रीय आयोजन

आयुर्वेद को विश्व स्तर पर स्थापित करने की कार्ययोजना बनी

 

संतोष योगी की खबर 

 

 

भोपाल।

 

भारतीय संस्कृति की अमूल्य स्वास्थ्य परंपरा आयुर्वेद आज राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से भोपाल में 'ग्लोबल वैद्य 1.0' के अंतर्गत एक अंतरराष्ट्रीय पंचकर्म इंटर्नशिप प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन धर्म आयुर्वेद एवं दक्षिण कोरिया के वेलपार्क हॉस्पिटल के संयुक्त प्रयास से 14 से 16 जनवरी 2026 तक सम्पन्न हुआ।

 

इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में देश-विदेश से 40 से अधिक अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद की वैश्विक उपयोगिता, भारतीय संस्कृति के अमृत तत्व पंचकर्म चिकित्सा, एवं इसके वैज्ञानिक पक्षों पर गहन चिंतन-मंथन हुआ।

 

कार्यक्रम में प्रत्यक्ष सहभागिता के साथ-साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ जुड़े। दक्षिण कोरिया से डॉ. किम मियांग ने विशेष संबोधन दिया। इसके अतिरिक्त वैद्य नितिन अग्रवाल (ब्लिस आयुर्वेद यूरोप), डॉ. श्याम वी पिल्लई (दुबई) डॉ. हरिश पाटणकर (रशिया), डॉ. राज सातपुते (यू.ए.ई), डॉ. मनीषा मिश्रा (मुंबई) ने अपने अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण सत्रों में मेंटर्स वैद्य आस्था जैन एवं वैद्य दीक्षा आर्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के सूत्रधार वैद्य चंद्रकांत तिवारी रहे।

 

बाली (इंडोनेशिया) तक पहुंचेगा आयुर्वेद

 

धर्म आयुर्वेद के संस्थापक वैद्य प्रशांत तिवारी एवं वैद्य जया सिंह ने बताया कि आयुर्वेद के वैश्विक प्रसार की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वे विगत पाँच वर्षों से दक्षिण कोरिया में आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार हेतु निरंतर कार्य कर रहे हैं। वेलपार्क हॉस्पिटल की डॉ. किम मियांग के साथ मिलकर वहां आयुर्वेद को लेकर उल्लेखनीय प्रगति हुई है। भारतीय आयुर्वेद चिकित्सक लगातार दक्षिण कोरिया जा रहे हैं तथा वैद्य प्रशांत तिवारी स्वयं भी प्रतिमाह वहां जाकर सेवाएं दे रहे हैं।

 

उन्होंने यह भी बताया कि बाली (इंडोनेशिया) में आयुर्वेद के प्रसार की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिसे ग्लोबल वैद्य 1.0 के पश्चात और गति मिलेगी।

 

समापन अवसर पर आयुर्वेद विकास का संकल्प

 

16 जनवरी को हुए समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री दर्जा) पं. विष्णु राजोरिया ने आयुर्वेद के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की सराहना करते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार आयुर्वेद के विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

 

धर्म आयुर्वेद की संस्थापक वैद्य जया सिंह ने अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि ग्लोबल वैद्य 1.0 आयुर्वेद को विश्व मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है।

 

पद्मश्री अगास इंद्र उद्यान (मनुबा) ने सराहना की

 

समापन समारोह में विशेष अतिथि के रूप में प‌द्मश्री अगम इंद्रा उ‌द्यान (मनुबा) ने सहभागिता की। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के लिए अब वैश्विक द्वार खुल चुके हैं और भारत के प्राचीन ज्ञान के प्रति दुनिया में जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने 'ग्लोबल वैद्य को आयुर्वेद को वैश्विक बनाने की दिशा में मील का पत्थर बताया।

 

इस अवसर पर वरिष्ठ वैद्य गोपालदास मेहता ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

 

कार्यक्रम का संचालन वैद्य दीक्षा आर्य ने किया तथा आभार प्रदर्शन वैद्य आस्था जैन ने किया। अंत में वैद्य प्रशांत तिवारी ने कहा कि आयुर्वेद को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित होते देखना उनके लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है।