सुरताल के 20वें बसंतोत्सव में मंचित हुआ नाटक ‘विद्या का अर्थ’
सुरताल के 20वें बसंतोत्सव में मंचित हुआ नाटक ‘विद्या का अर्थ’
संतोष योगी की खबर 99932 68143
भोपाल। सुरताल के 20वें बसंतोत्सव के अवसर पर पंख थिएटर एंड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा सामाजिक संदेश से भरपूर नाटक ‘विद्या का अर्थ’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक का लेखन नितिन रोहर ने किया, जबकि निर्देशन की जिम्मेदारी प्रतिज्ञा गोस्वामी ने निभाई।
नाटक की कहानी रिया नामक एक मध्यमवर्गीय परिवार की छात्रा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पढ़ाई पर ध्यान न देकर गलत संगत में पड़ जाती है। 12वीं कक्षा में कम अंक आने पर वह आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाने की कोशिश करती है, लेकिन समय रहते उसकी शिक्षिका श्वेता टीचर उसे बचा लेती हैं और समझाइश देती हैं। श्वेता टीचर बच्चों को पढ़ाई का सही तरीका समझाते हुए यह संदेश देती हैं कि विद्या पर सबका अधिकार है, लेकिन विद्या का सही अर्थ वही समझ पाता है जो उसे सच्चे मन से ग्रहण करता है।
शिक्षिका के मार्गदर्शन से रिया को अपनी गलती का अहसास होता है। वह अपनी मां और टीचर से माफी मांगती है और दोबारा मेहनत कर आगे बढ़ने का संकल्प लेती है। नाटक में यह भी दर्शाया गया कि माता-पिता किस तरह मेहनत करके बच्चों को पढ़ाते हैं, और कई बार बच्चे अपनी मस्ती में उनके सपनों को तोड़ देते हैं। वहीं, श्वेता टीचर जैसे शिक्षक बच्चों को सही दिशा दिखाकर विद्या का वास्तविक अर्थ समझाते हैं।
नाटक में रिया का सशक्त किरदार अंजलि ने निभाया, जबकि श्वेता टीचर की भूमिका में डॉ. आंचल बिसेन ने प्रभावी अभिनय किया। इसके अलावा कपिल यादव, एलेक्स, प्रतिज्ञा, करुणा साही, राहुल महाकाल सहित अन्य कलाकारों ने भी सराहनीय प्रस्तुति दी।
नाटक को दर्शकों से भरपूर सराहना मिली और इसके सामाजिक संदेश ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया।
