कर्तव्य बोध दिवस पर शिक्षकों ने राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प 

 

संतोष योगी की खबर 99932 68143

 

सूर्यनगर (अफजलपुर), मंदसौर।

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ से सम्बद्ध मध्य प्रदेश शिक्षक संघ, ब्लॉक शाखा मंदसौर द्वारा आयोजित कर्तव्य बोध दिवस कार्यक्रम एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय सूर्यनगर (अफजलपुर) में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शंकरलाल आंजना (संभागीय अध्यक्ष, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ, उज्जैन संभाग),

मुख्य वक्ता श्री रामदयाल जोशी (वरिष्ठ व्याख्याता, डाइट मंदसौर) एवं

 विशेष अतिथि श्री रविंद्र धनगर (व्याख्याता, डाइट मंदसौर) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष श्री रघुवीरसिंह सिसोदिया ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं माँ भारती के पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ।

 विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा संगीतमय सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

 मंचासीन अतिथियों का परिचय

 श्री रामचंद्र लोहार (प्रांतीय सह मीडिया प्रभारी) द्वारा कराया गया। 

तत्पश्चात मुख्य अतिथि श्री शंकरलाल आंजना, 

मुख्य वक्ता का विस्तृत एवं प्रेरणादायी उद्बोधन

मुख्य वक्ता श्री रामदयाल जोशी ने अपने विचारों से उपस्थित शिक्षकों को गहराई से प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कर्तव्य का बोध केवल समय-पालन या दायित्व-निर्वहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नैतिकता, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की चेतना है।उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें जीवन की वास्तविकताओं से जोड़ें। शिक्षक का दायित्व है कि वह विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रप्रेम के बीज बोए। श्री जोशी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक का निर्माण करना है। यदि शिक्षक मूल्य-आधारित शिक्षा पर बल देंगे, तो समाज में नैतिकता, सहयोग और समरसता स्वतः विकसित होगी। उन्होंने आधुनिक समय की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी तकनीक और सूचना के महासागर में जी रहे हैं। ऐसे में शिक्षक का दायित्व और भी बढ़ जाता है कि वह सही और गलत के बीच अंतर समझाने वाला दीपस्तंभ बने। 

विशेष अतिथि श्री रविंद्र धनगर ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र सेवा ही शिक्षक का परम कर्तव्य है।

मुख्य अतिथि श्री शंकरलाल आँजना ने कार्यक्रम रुपरेखा दी जिसमें आपने बताया की अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का ध्येय वाक्य है राष्ट्रहित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक और शिक्षक के हित में समाज।

 एबीआरएसएम वर्ष भर कार्यक्रम आयोजित करता है जिसमें से एक कार्यक्रम कर्तव्य बोद्ध भी है। 

अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री रघुवीरसिंह सिसोदिया ने कहा कि कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा की भावना ही कर्तव्य बोध का आधार है। शिक्षक होना केवल पद नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सतत साधना है।

कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन श्री कांतिलाल राठौर ने किया तथा

 कल्याण मंत्र श्री रामगोपाल सालित्रा ने प्रस्तुत किया।

 

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रांतीय सह मीडिया प्रभारी श्री रामचंद्र लोहार की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही जिला सह संगठन मंत्री श्री फूलचंद लोहार, श्री अनोखीलाल नलवाया श्री शिवनारायण मंडवारिया, श्री जितेंद्र सिंह राणा, श्री शंभूसिंह चुंडावत सहित 125 से अधिक शिक्षक बंधु एवं मातृशक्ति भगिनी की गरिमामयी उपस्थिति रही। सहभोज के साथ कार्यक्रम की सुसंस्कृत एवं गरिमामयी समाप्ति हुई।