विंध्य एकता परिषद् मध्यप्रदेश की अध्यक्ष फिर बनीं वंदना द्विवेदी नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी की प्रथम बैठक एवं पदभार ग्रहण संपन्न

 

संतोष योगी की खबर 

 

 

भोपाल विंध्य एकता परिषद् मध्यप्रदेश की नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी की प्रथम बैठक एवं पदभार ग्रहण कार्यक्रम भोपाल में आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता वंदना द्विवेदी ने की, जिन्हें सर्वसम्मति से पुनः प्रदेश अध्यक्ष चुना गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम दरबार के पूजन एवं श्रीरामचरित मानस के सुमिरन के साथ हुआ। वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन प्रसाद मिश्रा द्वारा गउनी रामायण की प्रस्तुति दी गई, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।

इसके पश्चात नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों ने विधिवत पदभार ग्रहण करते हुए परिषद् की पंजी एवं पद तथा गोपनीयता शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए। सर्वप्रथम प्रदेश अध्यक्ष वंदना द्विवेदी ने पदभार ग्रहण किया, तत्पश्चात वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन प्रसाद मिश्रा, उपाध्यक्ष सुनील पांडेय, महासचिव रामकिशोर त्रिपाठी, सचिव भूपेंद्र तिवारी, कोषाध्यक्ष डॉ दीपक द्विवेदी, उप कोषाध्यक्ष गुलशन यादव, सांस्कृतिक सचिव ललित पांडेय, प्रचार सचिव भोला सेन सहित अन्य पदाधिकारियों ने पदभार ग्रहण किया।

बैठक में रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटीज, नर्मदापुरम संभाग द्वारा जारी अभिप्रमाणित दस्तावेजों के अंतर्गत मध्यप्रदेश सोसायटी अधिनियम 1973 की धारा 27 एवं 28 की जानकारी भी सदस्यों को दी गई।

कार्यक्रम में मनोज कुमार मिश्रा, राजबली शुक्ला, भ्रमेंद्र अग्निहोत्री, साधना तिवारी, ललिता अग्निहोत्री, रावेंद्र पटेल सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। श्रीरामायण गायन में कई सदस्यों द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई। अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी आगामी तीन वर्षों तक प्रभावशील रहेगी। परिषद् द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि पूर्व पदाधिकारियों के साथ संस्था के नाम पर कोई भी व्यवहार अमान्य होगा तथा परिषद् के नाम पर किसी भी प्रकार का चंदा केवल अधिकृत बैंक खाते में ही स्वीकार किया जाएगा।

बैठक में संगठन को मजबूत करने, सामाजिक एकता एवं सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया गया।