श्री शिवमहापुराण कथा के तृतीय दिवस पर सृष्टि चक्र का गुह्य ज्ञान, “डिजिटल रावण” नाटक बना विशेष आकर्षण

 

भोपाल हैडलाइंस जिला ब्यूरो संजय योगी की खबर 7805953532

 

 

सिराली।

ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा के तृतीय दिवस का आयोजन अत्यंत आध्यात्मिक, ज्ञानवर्धक एवं श्रद्धा-भाव से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कथा प्रवक्ता बाल ब्रह्मचारिणी राजयोगिनी योगशक्ति नीलम दीदी जी ने श्रोताओं को सृष्टि चक्र के गुह्य रहस्यों का सरल, स्पष्ट एवं प्रभावशाली शब्दों में वर्णन किया।

नीलम दीदी जी ने बताया कि वर्तमान समय कलियुग के अंत एवं सतयुग के आरंभ का पावन संगम है, जिसे पुरुषोत्तम संगम युग कहा जाता है। इसी दिव्य काल में स्वयं परमात्मा शिव इस धरा पर अवतरित होकर मानव आत्माओं को सत्य ज्ञान प्रदान करते हैं तथा 84 जन्मों की अद्भुत कथा के माध्यम से आत्मिक जागृति कराते हैं। उन्होंने शिवरात्रि पूजन एवं जागरण के आध्यात्मिक महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान आधुनिक युग में मोबाइल, सोशल मीडिया एवं इंटरनेट के बढ़ते दुरुपयोग से उत्पन्न मानसिक, नैतिक एवं पारिवारिक समस्याओं पर आधारित “डिजिटल रावण” नाटक का सशक्त मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आज का डिजिटल रावण युवाओं को लत, तनाव और मूल्यहीनता की ओर धकेल रहा है। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने यह स्पष्ट किया कि संयम, जागरूकता एवं आध्यात्मिक दृष्टि अपनाकर ही डिजिटल बुराइयों पर विजय प्राप्त की जा सकती है।

कथा के मध्य श्रोताओं को राजयोग ध्यान का अभ्यास भी कराया गया, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं ने गहन शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं मानसिक स्थिरता का अनुभव किया।

कार्यक्रम के समापन पर विधिवत आरती संपन्न हुई, जिसमें नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती अनीता अग्रवाल एवं महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती माधवी गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। तृतीय दिवस की कथा ने उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक ज्ञान, आंतरिक शांति एवं नवीन जीवन-दृष्टि प्रदान की।