इस रमज़ान से पूर्व भी ज़रूरत मंदो को रोज़गार से जोड़ने की मुहिम का आरंभ

 

संतोष योगी की खबर 99932 68143

 

इस रमज़ान से पूर्व भी ज़रूरत मंदो को रोज़गार से जोड़ने की मुहिम का आरंभ करेगी टीम जमीअत* भीख नही ज़रूरत मंदो को रोज़गार से जोड़े *पिछले वर्ष भी दिया गया था 40 ज़रूरत मंद महिलाओं और पुरुषों को रोज़गार* भोपाल रमज़ान के पवित्र महा आगमन 18 फरवरी से होगा और टीम जमीअत उलमा मध्यप्रदेश हर रमज़ान ज़रूरत मंदो की मदद में हर मुमकिन प्रयास करती है मुस्लिम समाज इस रहमत और बरकत के महीने में रोज़ा इबादत के साथ साथ सवाब के कार्य भी करती है और अपने माल की ज़कात अदा कर ज़रूरत मंदो की ज़रूरत को पूरा करती है कही राशन कही कपड़े कही खान पान का वितरण बडे पैमाने पर किआ जाता है और सवाब कमाने का कोई मौका नही छोड़ जाता इस माह मुबारक में हर नेकी का अज्र आम दिनों की निस्बत 70 प्रतिशत बढ़ जाता है और सवाब के कामों में बढ़ोतरी हो जाती है टीम जमीअत उलमा मध्यप्रदेश भी लोगो को राहत पोहचाने के हर मुमकिन प्रयास करती है ताकि इस महीने में हर ज़रूरत मंद की ज़रूरत को पूरा किया जा सके और इसके लिए मुस्लिम समाज को जोड़ कर ऐसे ज़रूरत मंदो को रोजगार से जोड़ा जाता है जो हुनर मंद है मेंहनत कर अपनी ज़िंदगी चलाते है मुस्लिम समाज इस महा में एक बड़ी धनराशि सदक़ा ज़कात हदिया के रूप में ज़रूरत मंद तक पोहचाते है जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के मीडिया प्रभारी हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने बताया की टीम जमीअत भी रमज़ान के पवित्र महा के आगमन से पूर्व हर वर्ष की तरहां इस वर्ष भी ज़रूरत मंदो को रोज़गार से जोड़ने के प्रयास करेगी जो हर वर्ष किए जाते है जिसमें जमीअत स्वयं एवं मुस्लिम समाज के लोगो को जोड़ कर ऐसे ज़रूरत मंदो को रोज़गार से जोड़ेगी जो सफेद पोश है हुनर मंद मेहनती है बस उन्हें एक सहारे की ज़रूरत है जिसमे महिलाओं एवं पुरुषों की बडी संख्या है जो घरों में बैठे इस पवित्र महा में थोड़े से सपोर्ट के इंतजार में बैठते है हाजी इमरान हारून ने बताया कि ये प्रयास पिछले वर्ष भी किए गए थे जिसमें चालीस के ग़रीब महिलाओं और पुरुषों को रमज़ान से ज़ुड़े रोज़गार से जोड़ा गया था जो आज खुद मुख्तार अपनी ज़िंदगी गुज़ार रहे है और अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे है यही पहल इस बार फिर आरंभ की जाएगी ताकि लोगो की ज़कात सदक़ा हदिया भीख में बर्बाद न हो हाजी इमरान ने मुस्लिम समाज से भी अपील की है 18 फरवरी से शुरू होगा और रोज़े इबादत के साथ साथ आप खेर के काम भी करेंगे ज़कात सदक़ा हदिया भी देंगे बस इस बार आप को समाज की फिक्र करना ज़रूरी है आपके सदके ज़कात हदिया की ज़रूरत मंद को रोज़गार दे किसी का घर बनाए किसी को कारोबार से लगाए किसी बहन बेटी का घर बसाने में करें नादार बच्चों की तालीम में करें यतीम बच्चों की कफालत में करें बेवाओं को राहत पोहचाने में करे ऐसे कामों की ज़रूरत समाज मे बोहोत है जमीअत की टीम लगातर इस प्रयास में है कि समाज मे कुछ रोज़गार और बच्चों की शिक्षा के प्रयास हो पिछले वर्ष भी पांच महिलाओं तस्लीम,शबाना,नुसरत, और फिरदौस आदि 20 महिलाओं को रोज़गार सामग्री वितरण की गई थी एवं पुरुषों में फल फ्रूट रमज़ान से जुड़े अन्य रोज़गार खुलवाए गए थे जिससे आज भी वो कमा कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे है और ये प्रयास इस रमज़ान भी किए जाएंगे