महाकाल की नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से श्री पंचायती निरंजन अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज की मुलाकात, सिंहस्थ 2028 को लेकर हुई अहम चर्चा

 

संतोष योगी की खबर 99932 68143

 

भोपाल/उज्जैन।

महाकाल की पावन नगरी उज्जैन में मध्य प्रदेश के यशस्वी एवं जनप्रिय मुख्यमंत्री माननीय डॉ. श्री मोहन यादव से महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद जी की एक सौभाग्यपूर्ण एवं राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस मुलाकात को प्रदेश की राजनीति में महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद जी की सक्रिय वापसी के रूप में देखा जा रहा है।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए यह कहा गया कि उनके मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश निरंतर विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। चर्चा का प्रमुख विषय सिंहस्थ महाकुंभ 2028 रहा, जो 27 मार्च से 27 मई 2028 तक उज्जैन में आयोजित किया जाएगा।

मुलाकात के दौरान सिंहस्थ महाकुंभ को दिव्य, भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने को लेकर विस्तृत और सार्थक संवाद हुआ। इस महापर्व के माध्यम से संपूर्ण विश्व में सनातन धर्म की गरिमा, संस्कृति और मूल्यों के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया।

बताया गया कि उज्जैन में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महाकुंभ हजारों वर्षों पुरानी परंपरा का अनुपम संगम होगा, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु महाकाल के अतिथि बनकर स्नान, दर्शन और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त करेंगे। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियाँ पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ चल रही हैं। नए घाटों का निर्माण, स्थायी अधोसंरचना, बेहतर यातायात व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद जी ने मुख्यमंत्री को पूर्ण विश्वास दिलाया कि 13 अखाड़ों के अध्यक्ष श्री रविंद्रपुरी जी महाराज एवं जूना अखाड़े के सचिव श्री हरिगिरि जी महाराज के साथ मिलकर वे स्वयं और उनके सहयोगी सिंहस्थ महाकुंभ को सफल, भव्य और अविस्मरणीय बनाने में पूरी श्रद्धा, समर्पण और ऊर्जा के साथ योगदान देंगे।

राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को आगामी समय में महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज की राजनीतिक सक्रियता और भूमिका के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रदेश की सियासत में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।