सिराली में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित शिवमहापुराण ज्ञान यज्ञ में गूंजा “संसार रूपी कल्पवृक्ष” का आध्यात्मिक रहस्य

भोपाल हेडलाइंस जिला ब्यूरो संजय योगी की खबर 7805953532

सिराली।

ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा सहर्ष आयोजित श्री शिवमहापुराण ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत शिव महिमा ज्ञान यज्ञ कथा आज अत्यंत आध्यात्मिक, प्रेरणादायी एवं भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने ज्ञान, भक्ति और शांति का अनुभव किया।

इस अवसर पर आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी नीलम दीदी जी ने “संसार रूपी कल्पवृक्ष” के गूढ़ रहस्य को सरल एवं मार्मिक कथाओं के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि हम सभी आत्माएँ इस कल्पवृक्ष के पत्ते हैं और उसके बीज स्वयं शिव परमात्मा हैं। सृष्टि के प्रारंभ में सतयुग में विश्व महाराजा–महारानी श्री लक्ष्मी–नारायण, त्रेता में श्रीराम–सीता के रूप में अवतरण हुआ तथा कालचक्र परिवर्तन के साथ विभिन्न धर्मों के आगमन द्वारा यह सृष्टि कल्पवृक्ष 5000 वर्षों की हूबहू पुनरावृत्ति करता है।

कथा के दौरान दीदी जी द्वारा आध्यात्मिक शिव रुद्राक्षों का वितरण भी किया गया और उनके गहन आध्यात्मिक महत्व को समझाया गया। उन्होंने बताया कि एकमुखी रुद्राक्ष “मेरा तो एक शिव भोला बाबा, दूसरा न कोई” का प्रतीक है। दोमुखी देवेश्वर के ज्ञान का, तीनमुखी सृष्टि के तीन कर्तव्यों—स्थापना, पालना और विनाश का, चारमुखी ब्रह्मा द्वारा चारों दिशाओं में ज्ञान प्रसार का, पंचमुखी पांच कर्मेंद्रियों पर नियंत्रण का, छहमुखी कार्तिकेय के प्रतीक रूप में श्रेष्ठ कर्म करने का संदेश देता है। सातमुखी आत्मा के सात गुणों के धारण का, आठमुखी अष्ट शक्तियों का, नौमुखी कपिल मुनि एवं साक्षात दुर्गा की अधिष्ठाता शक्ति का तथा दसमुखी साक्षात विष्णु जी का प्रतीक बताया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि शिव परमात्मा नव-निधियों के दाता हैं।

दीदी जी ने सामाजिक संदेश देते हुए कहा कि यदि समाज को सुसंस्कारित बहू चाहिए, तो सबसे पहले बेटी के संस्कारों को सुदृढ़ करना होगा। कार्यक्रम के अंत में परमात्मा के सत्य परिचय पर आधारित एक सुंदर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम में डॉ. प्रभु शंकर शुक्ल, शिव नारायण गौर, दयाशंकर करोड़े एवं महेश खोरे सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

श्री महा शिव पुराण कथा पंडाल में विद्यार्थियों के लिए विशेष नैतिक एवं एकाग्रता विकास कार्यक्रम आयोजित

सिराली। प्रातः 7:30 बजे से 9:00 बजे तक कथा पंडाल में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों की स्थापना, आदर्श दिनचर्या के महत्व की समझ तथा एकाग्रता की शक्ति को बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम में आदरणीय ब्रह्मा कुमारी नीलम दीदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि श्रेष्ठ संस्कार, सकारात्मक सोच और नियमित दिनचर्या ही वास्तविक सफलता की नींव हैं। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत व शक्तिशाली बनाने की सरल विधियाँ भी बताईं।

इस अवसर पर संजय करौड़े जी एवं सचिन अग्रवाल जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सनशाइन पब्लिक स्कूल एवं सतपुड़ा वेली के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यार्थियों के लिए “ सफलता के मंत्र और मेमोरी पावर ” विषय पर विशेष कमेंट्री करवाई गई, साथ ही संगीत के साथ याददाश्त एवं मानसिक एकाग्रता बढ़ाने हेतु म्यूजिकल एक्सरसाइज भी कराई गई, जिसे बच्चों ने अत्यंत रुचि से किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों ने मिलकर शिव भोलेनाथ बाबा की आरती की तथा प्रसाद ग्रहण किया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।