अस्पताल प्रबंधन संवर्ग के वेतनमान को लेकर हाईकोर्ट सख्त जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस, चार सप्ताह में जवाब तलब

संतोष योगी की खबर 99932 68143

भोपाल/मध्यप्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत अस्पताल प्रबंधन संवर्ग के अधिकारियों के वेतनमान (ग्रेड पे) में व्याप्त विसंगति को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने समान कार्य, समान पद और एक ही विभाग में होने के बावजूद वेतनमान में अंतर के मामले में चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

यह नोटिस प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित उप-रजिस्ट्रार, अस्पताल प्रबंधक, सहायक अस्पताल प्रबंधक एवं बायोमेडिकल इंजीनियर के वेतनमान को लेकर जारी किया गया है।

मामले की सुनवाई के दौरान जबलपुर हाईकोर्ट के सिंगल बेंच न्यायमूर्ति श्री विशाल धगत ने यह नोटिस जारी किया। इस संबंध में माननीय हाईकोर्ट, जबलपुर में याचिका क्रमांक 261/2026 दायर की गई है, जिसकी अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। याचिका की पैरवी सीनियर एडवोकेट श्री आदित्य सांघी (जबलपुर) द्वारा की गई।

याचिका में उल्लेख किया गया कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विलय के बाद भी विभाग में कार्यरत समान पदों पर अधिकारियों को समान वेतनमान नहीं दिया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन संवर्ग द्वारा लंबे समय से वेतनमान विसंगति दूर करने की मांग की जा रही थी, लेकिन शासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।

हाईकोर्ट के इस निर्णय का अस्पताल प्रबंधन संवर्ग समिति ने स्वागत किया है। समिति के सदस्य रविन्द्र कुशवाहा ने कहा कि इस फैसले से अस्पताल प्रबंधन संवर्ग को न्याय की उम्मीद जगी है।

वहीं समिति से जुड़े महेंद्र सोनी एवं उनके साथियों ने भी हाईकोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह आदेश संवर्ग के अधिकारियों के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे वेतनमान विसंगति शीघ्र दूर होने की आशा बनी है।