श्री साईं निकेतन विद्या मंदिर में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, लाठी चलाने का दिया गया अभ्यास

भोपाल हेडलाइंस जिला ब्यूरो संजय योगी की खबर 7805953532

सिराली/श्री साईं निकेतन विद्या मंदिर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सतर्क, आत्मविश्वासी और किसी भी आपात स्थिति में स्वयं की रक्षा करने में सक्षम बनाना रहा।

प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को बताया गया कि सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। आस-पास के माहौल पर ध्यान देना, अनावश्यक रूप से मोबाइल में व्यस्त न रहना तथा आत्मविश्वास के साथ चलना अपराध को रोकने में सहायक होता है। प्रशिक्षकों ने समझाया कि सीधा चलना और नज़रें ऊपर रखना आत्मबल को दर्शाता है, जिससे असामाजिक तत्व दूरी बनाए रखते हैं।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि खतरे की स्थिति में आवाज़ का सही उपयोग बहुत प्रभावी होता है। ज़ोर से “बचाओ” या “रुको” चिल्लाने से आसपास के लोग सतर्क होते हैं और हमलावर घबरा सकता है।

इसके साथ ही आत्मरक्षा की मूलभूत जानकारी देते हुए बताया गया कि अंतिम स्थिति में शरीर की संवेदनशील जगहों पर सटीक वार कर स्वयं को बचाया जा सकता है।

छात्राओं को यह भी सिखाया गया कि रोज़मर्रा की वस्तुएँ—जैसे चाबी, पेन, बेल्ट या दुपट्टा—आपातकाल में आत्मरक्षा के साधन बन सकती हैं। पकड़ से निकलने की सरल तरकीबें भी समझाई गईं, जिससे छात्राएँ घबराए बिना स्वयं को सुरक्षित कर सकें।

विद्यालय के डायरेक्टर राहुल नायक ने छात्राओं को लाठी चलाने का अभ्यास कराते हुए कहा कि आज के समय में बच्चियों का आत्मरक्षा में दक्ष होना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि यदि बच्ची लाठी चलाना सीख ले, तो वह संकट की घड़ी में अपने आप को सुरक्षित रख सकती है।

कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि भागकर सुरक्षित स्थान तक पहुँचना भी जीत है, और संघर्ष केवल अंतिम विकल्प होना चाहिए। अंत में छात्राओं को नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे छात्राओं के आत्मविश्वास और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।