भोपाल में ऐश वेनसडे के बाद 40 दिवसीय प्रार्थना सभाओं की शुरुआत कलीसियाओं में उपवास, प्रार्थना और सेवा का उत्साह
संतोष योगी की खबर 99932 68143
भोपाल। ऐश वेनसडे के पश्चात 40 दिनों तक चलने वाली विशेष प्रार्थना सभाएं शहर की विभिन्न कलीसियाओं में श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित की जा रही हैं। इन दिनों मसीह परिवार प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर बलिदान से पूर्व के उपवास और प्रार्थना काल को स्मरण करते हुए आध्यात्मिक साधना में जुटे हैं।
विश्वासियों द्वारा इन 40 दिनों में उपवास, प्रार्थना और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी विशेष पहल की जा रही है।
आर्चडिकन का संदेश: प्रेम, दया और सेवा का मार्ग अपनाएं
इस अवसर पर आर्चडिकन अनिल मार्टिन ने संदेश देते हुए कहा कि प्रभु यीशु मसीह के इस संसार में आने का उद्देश्य शैतान और पाप के साम्राज्य का अंत करना तथा मानव जीवन में पश्चाताप, प्रेम, दया, नम्रता और सेवा भाव उत्पन्न करना था।
उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि दूसरों की सहायता और सेवा के लिए अपने जीवन का उपयोग करे। उपवास और प्रार्थना का विशेष महत्व प्रेम, एकता और सद्भाव को मजबूत करना है। ईश्वर द्वारा प्रदत्त इस बहुमूल्य जीवन का उद्देश्य मानवता की सेवा है।
युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम के आयोजन और संचालन में अमन मार्टिन (युवा अध्यक्ष) की विशेष भूमिका रही। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उपवास और प्रार्थना के इन दिनों में बढ़-चढ़कर भाग लें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लें।
पहला उपवास रविवार 22 तारीख को
उपवास का पहला रविवार 22 तारीख को सभी चर्चों में विशेष रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर मसीह समाज के लोग प्रभु यीशु मसीह के गुणगान और उनके संदेशों का प्रचार-प्रसार करेंगे तथा आत्मिक जीवन को और सुदृढ़ बनाने का संकल्प लेंगे।
कार्यक्रम की जानकारी अमन मार्टिन, युवा सचिव, ईएलसी चर्च गोविन्दपुरा द्वारा दी गई।
