महाकुंभ से पूर्व नाथ समाज की मांगें तेज महाकाल लोक में गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा स्थापना की उठी मांग

 

भोपाल हेडलाइंस |संतोष योगी 99932 68143

 

इंदौर। अखिल भारतवर्षीय नाथ समाज ने उज्जैन में प्रस्तावित महाकुंभ से पूर्व अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। समाज का कहना है कि भगवा की जनक एवं भारत का प्राचीन नाथ संप्रदाय, जिसने संपूर्ण विश्व को योग का मार्ग दिखाया, आज भी अपेक्षित सम्मान की प्रतीक्षा कर रहा है।

नाथ समाज ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सुपुत्र एवं जनता कांग्रेस जे के नेता अमित जोगी ने अपनी पार्टी के लेटरपैड और सोशल मीडिया (एक्स) के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नाथ समाज की मांगों का समर्थन किया।

इसी क्रम में अलवर के पूर्व सांसद एवं वर्तमान विधायक, नाथ संप्रदाय के पीठेश्वर बाबा बालकनाथ ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दोनों मांगों को शीघ्र पूर्ण करने का आग्रह किया है।

नाथ समाज का पक्ष

समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस के आयोजन पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, किंतु योग के प्रवर्तक माने जाने वाले शिव अवतारी भगवान गुरु गोरखनाथ को अब तक समुचित सम्मान नहीं मिला है।

उज्जैन, जो सम्राट विक्रमादित्य एवं राजा भरतरी की ऐतिहासिक नगरी रही है और विश्वविख्यात महाकाल लोक के रूप में प्रसिद्ध है, वहीं नाथ संप्रदाय का प्राचीन मठ “भरतरी गुफा” स्थित है, जो आस्था और इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

 नाथ समाज की दो प्रमुख मांगें

 विश्व प्रसिद्ध महाकाल लोक, उज्जैन में शिव अवतारी भगवान गुरु गोरखनाथ जी की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए।

 इंदौर के बापट चौराहा स्थित मेट्रो स्टेशन का नाम “योगाचार्य गुरु गोरखनाथ जी” के नाम पर रखा जाए।

नाथ समाज ने स्पष्ट किया है कि महाकुंभ से पूर्व यदि इन मांगों पर निर्णय लिया जाता है तो यह नाथ संप्रदाय के गौरवशाली इतिहास को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को उचित स्थान दिलाने के लिए किया जा रहा है।