रोशनी की नई पहल" भोपाल में डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल का शुभारंभ
संतोष योगी की खबर 9993268143
भोपाल भारत में उत्कृष्ट नेत्र चिकित्सा प्रदान करने के अपने संकल्प को मजबूत करते हुए, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने भोपाल में अपना नया अत्याधुनिक नेत्र अस्पताल का शुभारंभ किया। यह समूह का मध्य प्रदेश में चौथा अस्पताल और राजधानी भोपाल में पहला अस्पताल है। यह अस्पताल भोपाल और आसपास के जिलों के निवासियों को विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करेगा।
इस नेत्र चिकित्सालय का उद्घाटन मध्य प्रदेश शासन के सहकारित्ता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग जी द्वारा संपन्न हुआ। डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल की वरिष्ठ प्रबंधन टीम और अस्पताल की क्लिनिकल टीम, जिसमें डॉ. सौरभदेशमुख, डॉ. आकाश चीना और डॉ. कृति गुप्ता शामिल थे।
नवीनतम लॉन्च किए गए इस अस्पताल में एक ही छत के नीचे समग्र नेत्र चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जिनमें मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) का उपचार, विशेष रेटिना देखभाल, ग्लॉकोमा प्रबंधन, स्टैबिस्मस (आँखों की पिचक/झुकाव) सुधर, चश्मा हटाने की सर्जरी, बाल नेत्र चिकित्सा और कॉर्निया से संबंधित रोगों का उपचार शामिल है। यह अस्पताल उन्नत निदान प्रणाली, आधुनिक फेको एमत्सिफिकेशन तकनीक, विट्रियोरेटिनल सर्जिकल प्लेटफॉर्म और लेज़र सर्जरी की सुविधा से सुसज्जित है।
एडवांस्ड आई हॉस्पिटल के रूप में डिज़ाइन किए गए इस अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, विशेष परामर्श क्षेत्र, निदान क्षेत्र और इन-हाउस फ़ार्मेसी मौजूद है, ताकि रोगियों को कुशल और निर्बाध देखभाल प्रदान की जा सके। अस्पताल में नेत्र आपातकालीन स्थितियों का प्रबंधन करने की भी पूरी सुविधा उपलब्ध है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि माननीय श्री विश्वास सारंग जी ने आत्मीयता के साथ कहा "कि मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना हमारी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। भोपाल में इस प्रकार का आधुनिक नेत्र चिकित्सालय न केवल राजधानी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी आशा और नई रोशनी की किरण साबित होगा।
डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल लोगों को समय रहते आँखों की रोशनी बचाने, सटीक निदान तथा उच्च स्तरीय नेत्र चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करेगा। इस प्रकार के संवेदनशील प्रयास प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक मानवीय एवं सशक्त आधार प्रदान करेंगे।"
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए, श्री सुधीर वी. एस., चीफ ग्रोथ ऑफिसर, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने कहा, "भोपाल में हमारे नए अस्पताल के शुभारंभ के साथ, हमारा उद्देश्य मध्य प्रदेश में समग्र नेत्र चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करना है। हमारा पूरा ध्यान नेत्र चिकित्सा में सुरक्षित, सटीक और एकीकृत उपचार प्रदान करने पर है, जिसमें मोतियाबिंद और रेटिना से लेकर ग्लूकोमा और बाल नेत्र चिकित्सा तक की विशेषज्ञ सेवाएँ शामिल हैं।"
डॉ. सौरभ देशमुख, कंसल्टेंट नेत्र विशेषज्ञ, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल ने कहा, "समय पर आँखों की जांच और सही इलाज बहुत जरूरी है, ताकि टाली जा सकने वाली दृष्टि हानि को रोका जा सके। भोपाल का यह अस्पताल विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक सर्जिकल तकनीक से सुसज्जित है, जिससे आम ओर जटिल मामलों, जैसे रेटिना और ग्लूकोमा, का इलाज किया जा सकता है।"डॉ. वंदना जैन, चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर ने कहा, "मध्य प्रदेश हमारे लंबे समय के विस्तार की योजना में बहुत महत्वपूर्ण राज्य है। अब यहाँ हमारे चार अस्पताल हैं, जिनमें से दो इंदौर में हैं। हमारा लक्ष्य ऐसा नेटवर्क बनाना है, जिससे लोग आसानी से नेत्र देखभाल सेवाएँ ले सकें, मरीजों के लिए रेफरल आसान हो और इलाज की गुणवत्ता हमेशा अच्छी रहे। इसके साथ ही, हम समय पर जांच और रोकथाम के लिए सामुदायिक स्क्रीनिंग कार्यक्रम भी चलाते रहेंगे, ताकि मध्य भारत में लोगों की दृष्टि बेहतर बनी रहे।
अस्पताल 30 अप्रैल 2026 तक सभी के लिए निःशुल्क नेत्र जांच की सुविधा दे रहा है। इसके अलावा, भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों में कई निःशुल्क नेत्र जांच शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि समय पर पहचान और रोकथाम को बढ़ावा दिया जा सके।
डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल के बारे में:
डॉ. अग्रवाल्स हेल्थ केयर भारत के 15 राज्यों और 4 केंद्रशासित प्रदेशों में 280 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क संचालित करता है। इसके अलावा, अफ्रीका के 9 देशों में 16 अस्पताल भी कार्यरत हैं। यह ग्रुप समग्र नेत्र चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करता है, जिनमें मोतियाबिंद और दृष्टि सुधार सर्जरी, परामर्श, निदान और गैर-सर्जिकल उपचार शामिल हैं। साथ ही, डॉ. अग्रवाल्स हेल्थ केयर ऑप्टिकल उत्पाद, कॉन्टैक्ट लेंस, सहायक उपकरण और नेत्र चिकित्सा से संबंधित फार्मास्यूटिकल उत्पाद भी उपलब्ध कराता है।
डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल अपनी अग्रणी नेत्र चिकित्सा नवाचारों के लिए वैश्विक स्तर पर जाना जाता है। इसके चिकित्सकों द्वारा कई महत्वपूर्ण सर्जिकल तकनीकें विकसित और पहली बार प्रयोग की गई हैं, जिन्हें अब दुनिया भर के नेत्र सर्जन अपनाते हैं।
इनमें शामिल हैं:
ग्लूड इंट्रा ओक्युलर लैंस (ग्लूड आईओएल) सर्जरी: एक उन्नत, बिना टाँक वाली तकनीक, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब प्राकृतिक कैप्युलर सपोर्ट अनुपस्थित या कमजोर हो।
प्री-डेस्मेट एंडोथीलियल केरेटोप्लास्टी (पीडीएलके): कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन में एक महत्वपूर्ण प्रगति, बिना टॉक वाली तकनीक के साथ।
सिंगल-पास फोर थ्रो (एसएफटी) पुपिलोप्लास्टीः बड़े या क्षतिग्रस्त पुतलियों को सुधारने की एक सुरक्षित, बिना गाँठ वाली विधि।
पिनहोल पुपिलोप्लास्टी (पीपीपी): अत्यधिक अनियमित कॉर्निया वाले रोगियों में दृष्टि की गुणवत्ता सुधारने के लिए।
कॉर्नियल एलोजेनिक इंट्रास्ट्रोमल रिंग सेगमेंट्स (केयर्स): केराटोकोनस और अन्य कॉर्नियल विकृतियों के इलाज के लिए।
