प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने आयुष्मान योजना में नियम बदलाव का किया विरोध, सौंपा ज्ञापन
प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने आयुष्मान योजना में नियम बदलाव का किया विरोध, सौंपा ज्ञापन
संतोष योगी की खबर 99932 68143
भोपाल। आयुष्मान भारत योजना में नियमों में बदलाव को लेकर निजी अस्पताल संचालकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। सरकार के इस निर्णय के विरोध में भोपाल के करीब 1250 निजी अस्पतालों के संचालकों ने आयुष्मान भारत कार्यालय तक शांतिपूर्ण रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा।
अस्पताल संचालकों का कहना है कि यदि नए नियम लागू किए जाते हैं तो मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उनका तर्क है कि योजना केवल सीमित अस्पतालों तक सिमट जाएगी, जिससे मरीजों की पहुंच कम हो जाएगी और इलाज के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
भारतीय जनता पार्टी के चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक विशाल सिंह बघेल और प्राइवेट अस्पताल संचालक जीशान अहमद ने बताया कि इस फैसले से निजी अस्पतालों की आर्थिक स्थिति पर भी बड़ा असर पड़ेगा। कई छोटे और मध्यम स्तर के अस्पताल योजना से बाहर हो सकते हैं, जिससे उनका संचालन मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि योजना को केवल एनएबीएच (NABH) सर्टिफिकेट वाले अस्पतालों तक सीमित किया जाता है, तो बड़ी संख्या में अस्पताल आयुष्मान योजना से बाहर हो जाएंगे। इससे मरीजों के इलाज में रुकावट आएगी और अस्पतालों में लंबी कतारें लगने की स्थिति बन सकती है।
अस्पताल संचालकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार से मांग की है कि नियमों में बदलाव करने से पहले अस्पतालों और विशेषज्ञों से चर्चा की जाए, ताकि मरीजों की सुविधा प्रभावित न हो और योजना का मूल उद्देश्य भी सुरक्षित रह सके।
