सांगली की मिसाल: मां ने ठुकराया, डॉक्टर-नर्स बने परिवार
मुंबई। महाराष्ट्र के सांगली के सिविल अस्पताल से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत की मिसाल पेश की है. 26 नवंबर 2025 को यहां एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन जन्म के अगले ही दिन वह नवजात को छोड़कर फरार हो गई. अस्पताल प्रशासन ने मां की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। मां के बिना रह गए इस नवजात की हालत भी जन्म के समय नाजुक थी. उसे करीब 15 दिनों तक आईसीयू में रखा गया, जहां उसका इलाज किया गया. इसी दौरान बच्चे को हर्निया की समस्या भी हुई, जिसका सफल ऑपरेशन किया गया. इसके बाद अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल केंद्र (SNCU) के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मिलकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली।
नर्स और डॉक्टर ने बच्चे को मां की तरह किया प्यार
करीब तीन महीनों तक इस बच्चे को अस्पताल के स्टाफ ने अपने बच्चे की तरह पाला. हर नर्स और डॉक्टर ने उसे मां जैसा स्नेह दिया. बच्चे के साथ एक भावनात्मक रिश्ता बन गया, मानो वह पूरे अस्पताल परिवार का हिस्सा बन चुका हो. जब अदालत के आदेश के बाद इस बच्चे को आगे की देखभाल के लिए पुणे भेजने का समय आया तो अस्पताल स्टाफ ने उसे भावभीनी विदाई देने का निर्णय लिया. इस मौके पर बच्चे का नामकरण भी किया गया. पूरे स्टाफ ने मिलकर उसका नाम “वीरप्रताप” रखा।
लोगों का प्यार लेकर पुणे रवाना हुआ वीरप्रताप
नामकरण समारोह के लिए अस्पताल में पालना सजाया गया, रंगोली बनाई गई और गुब्बारों से सजावट की गई. यह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था, लेकिन माहौल भावनाओं से भरा हुआ था. जब तीन महीने के वीरप्रताप को विदा किया जा रहा था तो उसे पालने वाले स्टाफ की आंखें नम हो गईं. कई लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए. जन्म के बाद भले ही मां का साया इस बच्चे से दूर हो गया, लेकिन इन तीन महीनों में अस्पताल के हर सदस्य ने उसे मां का प्यार दिया. वीरप्रताप जब पुणे के लिए रवाना हुआ, तो वह अकेला नहीं था वह अपने पीछे सैकड़ों मांओं का स्नेह छोड़ गया।
