सरस्वती शिशु मंदिर सिराली में स्मार्ट क्लास इंटरएक्टिव पैनल का हुआ शुभारंभ

भोपाल हेडलाइंस | सिराली संवाददाता संजय योगी | मो. 7805953532

सिराली। सरस्वती शिशु मंदिर सिराली में आज आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए स्मार्ट क्लास इंटरएक्टिव पैनल (स्मार्ट बोर्ड) का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माधव ग्राम भारती शिक्षा समिति के सहसचिव श्री अरुण जी गुर्जर उपस्थित रहे। उनके साथ संयोजक श्री बिहारी लाल जी मालवीय, सहसंयोजक श्री सुधीर जी सांगोले एवं सम्माननीय सदस्य श्री शैतान सिंह जी राजपूत भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इसके बाद अतिथियों द्वारा स्मार्ट क्लास इंटरएक्टिव पैनल का लोकार्पण किया गया। विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में अभिभावक, मातृशक्ति, गणमान्य नागरिक तथा विद्यालय के छोटे-छोटे भैया-बहन उपस्थित रहे।

अपने उद्बोधन में श्री अरुण जी गुर्जर ने कहा कि वर्तमान समय में सरस्वती शिशु मंदिर सिराली निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास के शुभारंभ से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास होगा और नई तकनीक के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई में अधिक रुचि आएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह स्मार्ट बोर्ड बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगा।

संयोजक श्री बिहारी लाल जी मालवीय ने कहा कि विद्यालय समाज के सहयोग से चलता है और समाज का सहयोग विद्यालय के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अभिभावकों एवं समाजजनों से विद्यालय की प्रगति में निरंतर सहयोग देने का आह्वान किया।

सम्माननीय सदस्य श्री शैतान सिंह जी राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि बच्चों को संस्कार भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर में भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित शिक्षा दी जाती है, जिससे विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण होता है।

कार्यक्रम में तहसील प्रमुख हरदा आदरणीय श्री योगेश जी माकवे ने इंटरएक्टिव पैनल की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि इस स्मार्ट पैनल में अनेक शैक्षणिक विधाएं उपलब्ध हैं, जिनसे भैया-बहनों का शैक्षणिक एवं मानसिक विकास होगा। उन्होंने कहा कि यह एक अत्याधुनिक स्मार्ट पैनल है, जिसमें गुड गवर्नेंस की व्यवस्था रहती है और इसके माध्यम से बच्चों की पांचों इंद्रियों के विकास में सहायता मिलती है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री शंकर लाल सोलंकी ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।