भोपाल में भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति की अनुपम श्रृंखला, 11 अप्रैल को होगा 34वां संगीतमय सुंदरकांड पाठ
भोपाल में भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति की अनुपम श्रृंखला, 11 अप्रैल को होगा 34वां संगीतमय सुंदरकांड पाठ
संतोष योगी की खबर 9993268143
भोपाल में श्रद्धा, सेवा और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम बन चुकी “एक शाम छिंद वाले दादाजी के नाम” धार्मिक श्रृंखला निरंतर लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है। 8 जुलाई 2024 से प्रारंभ हुई यह श्रृंखला प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को सायंकाल श्री परशुराम मंदिर में भक्तिभाव के साथ आयोजित की जा रही है।
श्रृंखला के संयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल संगीतमय सुंदरकांड पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि धर्म प्रसार, सेवा, सम्मान और सामाजिक समरसता का व्यापक अभियान बन चुका है। आयोजन में श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान जी के भजनों, चौपाइयों और सामूहिक पाठ से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है।
अब तक इस श्रृंखला के अंतर्गत 33 संगीतमय सुंदरकांड पाठ सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं, जबकि 34वां पाठ 11 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में 2625 सनातन धर्म प्रेमियों का जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगांठ सम्मान किया जा चुका है। साथ ही 1633 श्रद्धालुओं को श्रीरामचरितमानस अर्थ सहित तथा 63 श्रद्धालुओं को श्री शिव महापुराण वितरित किए गए हैं।
“राम का आधार = रामायण वितरण योजना” इस श्रृंखला की विशेष पहचान बन चुकी है। इसके अंतर्गत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को श्रीरामचरितमानस, सुंदरकांड, हनुमान चालीसा, रुद्राक्ष, तुलसी माला, गौमुखी, सिंदूर, चुनरी, साड़ियां तथा अभिमंत्रित रुद्राक्ष मालाएं भेंट की गई हैं।
आयोजन की सबसे आत्मीय परंपरा यह है कि प्रत्येक माह जिन श्रद्धालुओं की जन्मतिथि या वैवाहिक वर्षगांठ होती है, उन्हें मंच पर सम्मानित किया जाता है। इससे समाज में अपनत्व, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक एकता को बल मिल रहा है।
विगत आयोजनों में अनेक महामंडलेश्वर, जगद्गुरु, पीठाधीश्वर, संत, महंत और राष्ट्रीय कथाकारों का सान्निध्य भी प्राप्त हुआ है। उनके प्रेरक संदेशों ने इस धार्मिक श्रृंखला को विशेष आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की है।
सेवा और समरसता की भावना को आगे बढ़ाते हुए अब तक 9 विशाल भंडारों का आयोजन भी किया जा चुका है, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
श्रृंखला का 34वां संगीतमय सुंदरकांड पाठ 11 अप्रैल 2026, शनिवार को सायं 5 बजे से रात्रि 7 बजे तक श्री परशुराम मंदिर में आयोजित होगा। आयोजकों ने सभी सनातन धर्म प्रेमियों से उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
