डॉ. मनोज यादव ने केन-बेतवा परियोजना में विस्थापित किसानों के मुद्दे उठाए, 25 लाख मुआवजा और पुनः सर्वे की मांग

संतोष योगी की खबर 9993268143

भोपाल। समाजवादी पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित एवं विस्थापित किसानों की समस्याओं को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित कर प्रदेश सरकार एवं प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों की कई जायज मांगों को प्रशासन नजरअंदाज कर रहा है, जबकि उन्हें आसानी से पूरा किया जा सकता है।

डॉ. यादव ने बताया कि प्रभावित परिवारों को मात्र 25,000 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है, जो बेहद अपर्याप्त है। उन्होंने कहा कि इतनी राशि में बुनियादी निर्माण कार्य भी संभव नहीं है। साथ ही, कई प्रभावित परिवारों के नाम सर्वे सूची में शामिल नहीं किए गए हैं और छूटे हुए नामों को जोड़ने की मांग भी नहीं मानी जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई पात्र व्यक्तियों के आयु संबंधी दस्तावेजों को अमान्य कर दिया गया है, जिससे वे सर्वे और मुआवजे से वंचित हो रहे हैं। वर्तमान में करीब 12 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी की मांग है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को न्यूनतम 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।

डॉ. यादव ने कहा कि सरकार पुराने सर्किल रेट पर केवल दोगुना मुआवजा दे रही है, जबकि उनकी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने कार्यकाल के दौरान चार गुना मुआवजा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्किल रेट बढ़ाए बिना ही औपचारिकता निभाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रभावित किसान पिछले दो वर्षों से लगातार धरना, प्रदर्शन और अनशन कर रहे हैं। छतरपुर जिले के बिजावर क्षेत्र के डोंडन गांव में लगभग 5,000 किसान, जिनमें 3,000 महिलाएं शामिल हैं, भीषण गर्मी में आंदोलनरत हैं। बीते 6 दिनों से किसान धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन और शासन का कोई प्रतिनिधि उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है।

डॉ. यादव ने इसे सरकार की असंवेदनशीलता बताते हुए कहा कि प्रदेश के नेता किसानों की समस्याओं से दूर हैं और कृषि क्षेत्र में उपलब्धियों के दावे केवल कागजी हैं।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि प्रभावित मकानों का पुनः सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए, जन्मतिथि त्रुटि वाले मामलों में आधार कार्ड एवं पंचायत पंचनामा मान्य किया जाए, किसानों पर दर्ज प्रकरण वापस लिए जाएं और लाठीचार्ज की जांच कराई जाए। इसके साथ ही मुआवजा सूची से छूटे नाम जोड़े जाएं, प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को रोजगार दिया जाए तथा आवास हेतु चिन्हित भूमि का शीघ्र आवंटन किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।