सुप्रीम कोर्ट के TET संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार याचिका लगाए सरकार: मध्य प्रदेश शिक्षक संघ

संतोष योगी की खबर 9993268143

मंदसौर|मध्य प्रदेश शिक्षक संघ, जिला शाखा मंदसौर द्वारा प्रदेश के उपमुख्यमंत्री माननीय श्री जगदीश देवड़ा को एक ज्ञापन सौंपकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्राथमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर दिए गए निर्णय पर पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दायर करने और विधायी हस्तक्षेप की माँग की गई है।  

राज्य में 70 हजार और देश में 25 लाख शिक्षकों की सेवा सुरक्षा पर संकट।

संघ के प्रांतीय मीडिया सह प्रभारी रामचंद्र मालवीय, संभागीय अध्यक्ष श्री शंकरलाल आँजना एवं जिला कोषाध्यक्ष कांतिलाल राठौर ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 को दिए गए निर्णय (सिविल अपील संख्या 1385/2025) के कारण कक्षा 1 से 8 तक कार्यरत सभी शिक्षकों के लिए नियुक्ति तिथि के बंधन के बिना TET अनिवार्य कर दी गई है। इस निर्णय से मध्य प्रदेश के 70 हजार से अधिक और देश के लगभग 25 लाख शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, आजीविका और पदोन्नति पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।  

विधिक प्रावधानों की अनदेखी का आरोप

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 और NCTE की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के तहत, वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को विधिक रूप से 'Qualified and Exempted' (अर्हताप्राप्त एवं छूट प्राप्त) श्रेणी में रखा गया था। मध्य प्रदेश में TET की बाध्यता की प्रभावी तिथि 26 मार्च 2011 है। संघ का कहना है कि नवीन न्यायिक निर्णय में इन विधिक अंतरों और पूर्व अधिसूचनाओं की उपेक्षा की गई है, जिससे वर्षों से समर्पित सेवा दे रहे शिक्षकों में गहरा तनाव और असुरक्षा व्याप्त है।  

विधायी हस्तक्षेप की माँग

मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने उपमुख्यमंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया है कि:

राज्य शासन तत्काल माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करे ताकि शिक्षकों के हितों का संरक्षण हो सके।  

इस विषय को विधानसभा और अन्य मंचों पर उठाकर केंद्र सरकार को संशोधन विधेयक लाने हेतु अवगत कराया जाए।  

शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ उन शिक्षकों के सम्मान और वैधानिक अधिकारों की रक्षा करना भी आवश्यक है जिन्होंने दशकों से शिक्षा व्यवस्था को अपने समर्पण से सींचा है।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे उपस्थित:

इस अवसर पर संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी एवं शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

प्रांतीय व संभागीय नेतृत्व: श्री रामचंद्र लोहार (प्रांतीय सह मीडिया प्रभारी), श्री शंकरलाल आँजना (संभागीय अध्यक्ष)।

जिला नेतृत्व: श्री कांतिलाल राठौर (जिला कोषाध्यक्ष), श्री रामगोपाल सालित्रा जिला उपाध्यक्ष, श्री बृजपालसिंह राठौर (जिला शिक्षक सम्मान प्रकोष्ठ प्रमुख), श्री जुझारलाल चौहान (जिला कार्यकारिणी सदस्य)।

ब्लॉक व तहसील नेतृत्व: श्री रघुवीरसिंह सिसोदिया (ब्लॉक अध्यक्ष), श्री माणकलाल जैन (ब्लॉक सह सचिव), श्रीमती मुन्नी दरिंग (ब्लॉक कार्यकारिणी सदस्य), श्रीमती विष्णु सुनार्थी (तहसील कोषाध्यक्ष), श्री गोवर्धनलाल चिचानी (तहसील सह सचिव)।

शिक्षक प्रतिनिधि: श्री दीनदयाल बैरागी, श्री रामरतन यादव, श्रीमती हेमलता बैरागी, श्रीमती पिंकू मकवाना, श्रीमती मधुबाला पवार, श्री नानालाल पाटीदार एवं श्रीमती लक्ष्मी पाटीदार।